केंद्र का बजट तय करेगा उत्तर प्रदेश की दिशा
लखनऊ, केंद्र सरकार एक फरवरी को देश का आम बजट पेश करेगी। इससे उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहे बजट की नीतियों की दिशा तय होगी।
जानकारों के मुताबिक एक जैसी योजनाओं को एक साथ जोड़ने की योजना पर केंद्रीय वित्त मंत्रालय काम कर रहा है। बीते दिनों राज्यों के साथ हुई केंद्रीय मंत्री की बैठक में भी इसके संकेत मिले हैं। वित्त विभाग इसपर नजरें लगाए है। इसके आधार पर ही यूपी के बजट को वास्तविक आकार मिलना शुरू होगा। आर्थिक नीतियों के जानकारों के मुताबिक केंद्र सरकार योजनाओं को एकीकृत करके अपने बजट का आकार संतुलित करना चाहती है।
यूपी ने जीएसटी दरों में हुई कटौती के बाद करों में हुई कमी की भरपाई की रकम मांगी है। एम्स और कई मेडिकल कॉलेजों व अन्य शैक्षिक संस्थानों की मांग की है। केंद्र अपने बजट में इन मांगों को कितनी जगह देती है, उससे भी यूपी की दिशा तय होगी। इसके बाद ही तय होगा कि प्रदेश सरकार अपने बजट का आकार कितना बड़ा करती है और उसमें कितनी नई योजनाओं की गुंजाइश बनती है।
औसतन 50 हजार करोड़ हर बजट में हो रहा इजाफा
बीते सात-आठ साल में औसतन 50 हजार करोड़ का इजाफा प्रदेश सरकार अपने हर बजट में करती आई है। वर्ष 2018-19 में उसने 4,28,384 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। वर्ष 2025-26 में उसने 8,08,736 करोड़ रुपये का बजट पास कराया। अगले साल प्रदेश में प्रस्तावित विधान सभा चुनाव के पहले इस सरकार का यह अंतिम बजट होगा, लिहाजा सरकार बजट में औसत से ज्यादा इजाफा करना चाहती है।

