जेईई एडवांस : बदलेगा परीक्षा पैटर्न एप्टीट्यूड के प्रश्न भी शामिल होंगे
नई दिल्ली। केंद्र सरकार जेईई एडवांस के परीक्षा पैटर्न में बदलाव की तैयारी कर रही है। नए पैटर्न में फिजिक्स, कैमिस्ट्री और मैथ्स (पीसीएम) के साथ एप्टीट्यूड के प्रश्न भी शामिल होंगे। ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड (जैब) की देखरेख में आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल की अध्यक्षता में आईआईटी विशेषज्ञ छह महीने में जेईई एडवांस रिफॉर्म का
रोडमैप बनाकर देंगे। बाद में पायलट रिजल्ट और विश्लेषण के आधार पर चरणबद्ध तरीके से कार्ययोजना लागू की जाएगी।
जेईई मेन की तर्ज पर साल में दो से तीन या चार बार जेईई एडवांस की परीक्षा आयोजित की जाएगी। अभी इसकी साल में एक ही बार परीक्षा होती है। नई योजना में परीक्षा कई दिनों तक अलग-अलग स्लॉट में आयोजित करने की तैयारी है। छात्र अपनी सुविधानुसार परीक्षा में बैठ सकेगा। इसके आधार पर उसमें से बेस्ट स्कोर वाले परिणाम को जेईई एडवांस मेरिट में जोड़ा जाएगा।
जेईई एडवांस से दो महीने पहले फ्री मॉक टेस्ट भी लिया जाएगा। इसका मकसद, छात्रों को अपनी तैयारी जांचने, प्रैक्टिस का मौका और कमियों को दूर करने का अवसर मिलेगा।
क्यों पड़ी जरूरत... नई शिक्षा नीति
में परीक्षाओं का तनाव दूर करने की सिफारिश की गई है। इसलिए छात्रों का तनाव दूर करने और कोचिंग पर निर्भरता कम करने के लिए पैटर्न में बदलाव करने की योजना है.
एप्टीट्यूड शामिल करने से पीसीएम के प्रश्न कम होंगे
अभी जेईई एडवांस में पीसीएम के प्रश्न पूछे जाते हैं। नई योजना में एप्टीट्यूड को भी शामिल करने से प्रश्न-पत्र में पीसीएम के प्रश्नों की संख्या कम हो जाएगी। पीसीएम के लिए छात्र कोचिंग जाते हैं। एप्टीटयूड के प्रश्न पूछने का मकसद, छात्र की तार्किक क्षमता, गणितीय कौशल, और समस्या समाधान की क्षमता को परखना है। इससे परीक्षा का कड़ा स्तर थोड़ा आसान होगा। नए पैटर्न में विषयों के बजाय क्रिटिकल थिंकिंग, स्किल को उभारना है।

