Primary Ka Master Latest Updates👇

Saturday, January 10, 2026

सरकारी कॉलेज से पढ़ना नौकरी की गारंटी नहीं

 सरकारी कॉलेज से पढ़ना नौकरी की गारंटी नहीं

नई दिल्ली, \। सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि किसी सरकारी शैक्षणिक संस्थान में पढ़ाई पूरी करने से स्वत: सरकारी नौकरी पाने का अधिकार नहीं बन जाता। खासकर तब जब सरकार ने अपनी नीति और भर्ती के नियम में बदलाव कर दिया हो।






शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक आदेश रद्द करते हुए यह फैसला दिया। हाईकोर्ट ने सरकारी प्रशिक्षण संस्थान से नर्सिंग की पढ़ाई करने वालों को नौकरी देने का आदेश दिया गया था। जस्टिस राजेश बिंदल और मनमोहन की पीठ ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार की अपील स्वीकार करते हुए यह बात कही। शीर्ष अदालत ने प्रतिवादी यानी नौकरी की मांग कर रहे प्रतिभागियों की दलीलों को सिरे से ठुकरा दिया। प्रतिभागियों ने अपनी दलील में कहा था कि पिछले नियम के तहत आयुर्वेदिक नर्सिंग ट्रेनिंग कोर्स में दाखिला पाने वाले पुराने उम्मीदवारों को स्वत: नियुक्ति दी जाती थी, ऐसे में उन्हें भी स्टाफ नर्स के तौर पर नौकरी पाने की उम्मीद थी।




प्रतिभागियों की नौकरी की मांग ठुकराई : शीर्ष अदालत ने प्रतिभागियों की नौकरी की मांग ठुकरा दी। शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार की उन दलीलों को स्वीकार किया, जिसमें कहा गया कि 2011 के बाद प्रशिक्षण कार्यक्रम में दाखिला पाने वाले उम्मीदवारों की कोई नियुक्ति नहीं की गई। स्वत: नियुक्ति के पिछले नियम के तहत सिर्फ 20 सीटें थी और यह हालात की जरूरत के कारण थी।






स्टाफ नर्स ने दाखिल की थी याचिका


दरअसल, उत्तर प्रदेश में 20 सीटों वाले सरकारी आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स के तहत प्रशिक्षित सभी उम्मीदवारों को स्टाफ नर्स के रूप में नियुक्त करने का अपना पुराना नियम बंद कर दिया। इस मामले में, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भावना मिश्रा, अंकिता मौर्या एवं अन्य की याचिका पर यूपी सरकार को सभी प्रशिक्षित उम्मीदवारों को नौकरी देने का आदेश दिया। इस फैसले के खिलाफ यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अ

पील दाखिल की थी।


सरकारी कॉलेज से पढ़ना नौकरी की गारंटी नहीं Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Huebhdhdj

Social media link