लखनऊ।
निजी विद्यालयों में आरटीई के तहत दाखिले की प्रतीक्षा कर रहे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभिभावकों को अभी कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है। प्रदेश में आरटीई प्रवेश प्रक्रिया की तैयारियाँ पूरी न होने के कारण आवेदन शुरू होने में देरी हो रही है।
बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, इस बार आवेदन पोर्टल में कई तकनीकी सुधार और निगरानी से जुड़े बदलाव किए जा रहे हैं। इसी कारण प्रवेश कार्यक्रम तय समय पर जारी नहीं हो सका। विभाग का लक्ष्य है कि सभी आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी कर जनवरी के मध्य तक कार्यक्रम घोषित कर दिया जाए, ताकि महीने के अंत तक आवेदन प्रक्रिया शुरू हो सके।
जानकारी के मुताबिक, पिछले वर्षों की तुलना में इस बार निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले आरटीई छात्रों की निगरानी व्यवस्था को और सख्त बनाया जा रहा है। इसके लिए पोर्टल को अपग्रेड किया जा रहा है, जिससे पात्र बच्चों को समय पर और पारदर्शी तरीके से लाभ मिल सके।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पोर्टल का अंतिम चरण का कार्य चल रहा है और जल्द ही अभिभावकों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इसके बाद आरटीई के तहत प्रवेश की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी जाएगी।
इस देरी के कारण बड़ी संख्या में अभिभावक असमंजस की स्थिति में हैं, लेकिन विभाग का दावा है कि तकनीकी सुधारों के बाद प्रवेश प्रक्रिया पहले से अधिक सुचारु और पारदर्शी होगी।

