लड़कियां विवाह से पहले न करें किसी पर भरोसा:सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली, । सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि शादी से पहले लड़कियों को किसी पर भरोसा नहीं करना चाहिए। शारीरिक संबंध में सावधानी बरतनी चाहिए। शादी का वादा कर दुष्कर्म के मामले में जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह मौखिक टिप्पणी की।
जस्टिस बीवी नागरत्ना और उज्जल भुइयां की पीठ ने कहा कि शादी से पहले लड़का और लड़की एक-दूसरे के लिए अजनबी होते हैं, इसलिए शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाने में सावधानी बरतनी चाहिए। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि शायद हम पुराने ख्यालों वाले हैं। उन्होंने कहा कि हम यह समझ नहीं पा रहे हैं कि शादी से पहले लड़का और लड़की शारीरिक संबंध कैसे बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि आपको बहुत सावधान रहना चाहिए, शादी से पहले किसी पर विश्वास नहीं करना चाहिए।
30 साल की युवती ने शिकायत में कहा कि युवक ने पहले दिल्ली और बाद में दुबई में शादी का वादा करके उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। बाद में पता चला कि युवक ने पंजाब में दूसरी शादी कर ली।
सबरीमाला में महिलाओं का मामला बड़ी पीठ सुनेगी
नई दिल्ली। केरल के सबरीमाला में अयप्पा मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों में महिलाओं के साथ भेदभाव और कई धर्मों में धार्मिक आजादी को लेकर याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने नौ जजों की संविधान पीठ का गठन किया है। नौ जजों की संविधान पीठ सात अप्रैल से मामले की अंतिम सुनवाई शुरू करेगी और 22 अप्रैल को खत्म करेगी। P14

