अनधिकृत प्रकाशकों की याचिका खारिज, अब सख्ती: एनसीईआरटी की अधिकृत किताबों से ही स्कूलों में होगी पढ़ाई
● एनसीईआरटी की अधिकृत किताबों से ही स्कूलों में होगी पढ़ाई
● भ्रम फैला रहे अनधिकृत प्रकाशकों को यूपी बोर्ड ने दी चेतावनी
प्रयागराज, यूपी बोर्ड के 29 हजार से अधिक स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू होने से पहले ही अनधिकृत प्रकाशकों ने अपना जाल फैलाना शुरू कर दिया है। कुछ अनधिकृत प्रकाशक एनसीईआरटी के नाम पर अपनी अनधिकृत पुस्तकें छात्र-छात्राओं को भ्रमित करके बेचने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ अनधिकृत प्रकाशक भ्रामक सूचना फैला रहे हैं कि यूपी बोर्ड के स्कूलों में किसी भी प्रकार की पाठ्यपुस्तकें पढ़ायी जा सकती हैं जो कि सही नहीं है। ऐसे में यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने फिर से कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
सचिव का कहना है कि आठ जनवरी को विज्ञप्ति में ही स्पष्ट कर दिया गया था कि सभी राजकीय, सहायता प्राप्त एवं स्ववित्त पोषित स्कूलों में अधिकृत प्रकाशकों की पाठ्यपुस्तकों के अलावा अन्य कोई भी पाठ्यपुस्तक नहीं चलेगी। विद्यार्थियों को अधिक मूल्य, अनधिकृत पाठ्य पुस्तकें, गाइड बुक इत्यादि खरीदने या पढ़ने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। इसके खिलाफ दायर प्रकाशकों की याचिकाएं भी हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने कहा है कि हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट में पढ़ाई जाने वाली पाठ्यपुस्तकें निर्धारित करने का अधिकार यूपी बोर्ड को है। यदि कोई अनधिकृत प्रकाशक किसी संबंधित कानून का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जा सकती है।

