सुल्तानपुर में एक सहायक अध्यापक को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। उन पर अधिकारियों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी, कार्यालय में तोड़फोड़ और कर्मचारियों से मारपीट के गंभीर आरोप थे। बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) उपेंद्र गुप्ता ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है।
बर्खास्त किए गए सहायक अध्यापक की पहचान शिवम त्रिपाठी के रूप में हुई है, जो सुल्तानपुर के कूरेभार ब्लॉक के क़स्बा क्षेत्र में तैनात थे। उन पर लंबे समय से अनियमितताओं और अनुचित कार्यों में शामिल होने के आरोप थे। स्थानीय स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) और साथी शिक्षकों की शिकायतों के आधार पर, विभाग ने प्रारंभिक जांच के बाद उन्हें पहले निलंबित किया था।
निलंबन के बावजूद, शिवम त्रिपाठी का व्यवहार उग्र बना रहा। आरोप है कि उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ की, सरकारी कामकाज में बाधा डाली और वहां उपस्थित कर्मचारियों के साथ मारपीट की। इसके अतिरिक्त, 24 जनवरी को 'उत्तर प्रदेश दिवस' के अवसर पर प्रभारी मंत्री के दौरे के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणियां की थीं।
शिक्षा विभाग ने अध्यापक को अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए चार बार नोटिस जारी किए। उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से भी सूचित किया गया, लेकिन अध्यापक ने इन नोटिसों का कोई जवाब नहीं दिया। अंततः, जांच रिपोर्ट में सभी आरोपों की पुष्टि होने के बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि अध्यापक शिवम त्रिपाठी के खिलाफ लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। उन्होंने कार्यालय में तोड़फोड़ और मारपीट की घटनाओं को अंजाम दिया, साथ ही मंत्री के दौरे के समय सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
बीएसए ने स्पष्ट किया कि अध्यापक को अपनी कार्यशैली सुधारने के पर्याप्त अवसर दिए गए थे, लेकिन उन्होंने इसमें कोई सुधार नहीं किया। विभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई शिक्षकों को मर्यादा और प्रोटोकॉल का पालन करने का स्पष्ट संदेश देती है।
