1.33 करोड़ रुपये का बकायाः बेसिक शिक्षा निदेशक से मांगा स्पष्टीकरण, दो बीएसए तलब
लखनऊ। राजधानी और बहराइच के कुछ विद्यालयों में स्कूल ड्रेस की आपूर्ति करने वाली संस्था को पांच साल बकाया भुगतान नहीं किया जा रहा है। शिकायत पर मानवाधिकार आयोग ने बेसिक शिक्षा निदेशक से स्पष्टीकरण मांगा है। लखनऊ और बहराइच के बीएसए को तलब किया है। दोनों अधिकारियों को 16 अप्रैल को सुनवाई के दौरान आयोग में उपस्थित होना होगा।
लखनऊ की भारतीय हरित खादी ग्रामोदाय संस्था को विद्यालयों में स्कूल ड्रेस आपूर्ति करने का काम मिला था।
संस्था ने वर्ष 2019-20 और 2020 21 में लखनऊ के मोहनलालगंज व चिनहट, बहराइच के रिसिया ब्लॉक में स्कूल ड्रेस की आपूर्ति की थी।
संस्था के अध्यक्ष विजय पांडेय ने पिछले साल मानवाधिकार आयोग में शिकायत की थी कि ड्रेस की आपूर्ति करने के बाद अब तक 1.33 करोड़ रुपये का भुगतान ही नहीं किया गया। इसको लेकर विजय शंकर ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों से पत्राचार किया लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। लिहाजा अब तक भुगतान नहीं हुआ। अधिक रकम होने
की वजह से उनकी संस्था व वह खुद आर्थिक तंगी की स्थिति में आ गए हैं। आयोग ने शिकायत का संज्ञान लिया।
12 मार्च को आयोग ने आदेश दिया है कि जो आपत्तियां विजय शंकर की तरफ से दर्ज कराई गई हैं वह बेसिक शिक्षा के निदेश को भेजी जाएं। उनसे इस पर स्पष्टीकरण मांगा है। लखनऊ व बहराइच के बीएसए को 16 अप्रैल को दोपहर 12:30 बजे उपस्थित होना होगा। आदेश का अनुपालन कराने की जिम्मेदारी निदेशक को दी है। सुनवाई के बाद आयोग अपना निर्णय सुनाएगा। ब्यूरो

