प्रयागराज समेत यूपी में 265 एनआईओएस केंद्र निष्क्रिय, तीन मानकों के आधार पर मिलती है मान्यता
प्रयागराज, । उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) से संबद्ध लगभग 265 अध्ययन केंद्र निष्क्रिय हो गए हैं। प्रयागराज जनपद में 20 केंद्र निष्क्रिय हैं, जबकि 23 केंद्र वर्तमान में सक्रिय बताए जा रहे हैं। प्रदेश भर में इस समय करीब 450 सक्रिय अध्ययन केंद्र संचालित हैं। जिन संस्थानों ने समय पर मान्यता का नवीनीकरण नहीं कराया, उन्हें निष्क्रिय श्रेणी में डाल दिया गया है।
एनआईओएस अधिकारियों ने बताया कि बच्चों की कमी और नवीनीकरण न कराने के कारण संस्थान निष्क्रिय हैं। नियमों के तहत प्रत्येक अध्ययन केंद्र को हर पांच वर्ष में मान्यता का नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। पहले यह प्रक्रिया नि:शुल्क थी, लेकिन वर्ष 2015 से नवीनीकरण के लिए 1500 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया। वर्ष 2024 में इसे बढ़ाकर 22,500 रुपये कर दिया गया, जिसके बाद कई संस्थानों ने नवीनीकरण नहीं कराया।
तीन मानकों के आधार पर मिलती है मान्यता
एनआईओएस से संबद्धता के लिए संस्थान के पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड की पूर्व मान्यता होना आवश्यक है। कंप्यूटर लैब की उपलब्धता अनिवार्य है। साथ ही, ट्रस्ट या सोसाइटी का कम से कम तीन वर्ष पुराना पंजीकरण होना चाहिए।
कालिंदीपुरम स्थित महर्षि विद्या मंदिर, तिलक शिक्षा संस्थान गर्ल्स इंटर कॉलेज, एमपी बिरला शिक्षण संस्थान तथा इलाहाबाद पब्लिक स्कूल चौफटका को पूर्व में मान्यता दी गई थी, लेकिन नवीनीकरण न होने से ये संस्थान निष्क्रिय श्रेणी में पहुंच गए हैं।

