5 हजार छात्रों ने कॉपियों में लिखी गाली-शायरी
शनिवार को कैंपस में कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने पत्रकारों को बताया कि मूल्यांकन के दौरान परीक्षकों को कई उत्तरपुस्तिकाओं में असामान्य बातें देखने को मिलीं। उत्तरपुस्तिका में छात्रों ने अजीब-अजीब बातें भी लिखी हैं। एक छात्र ने लिखा कि ‘मैं रास्ते से जा रहा था, भेलपुरी खा रहा था, सवाल सब भूल गया, इसलिए पास कर दिया जाए।’ वहीं कुछ विद्यार्थियों ने बीमारी का हवाला देते हुए पास करने की अपील की है। कई छात्रों ने तो प्रश्नों को ही उत्तरपुस्तिका में दोबारा लिख दिया, लेकिन उत्तर नहीं दिया।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया में सख्ती बरती गई है। पिछले वर्ष विश्वविद्यालय का परिणाम लगभग 89 प्रतिशत रहा था, जबकि इस बार 82 प्रतिशत छात्र ही पास हो सके हैं। यानी सात फीसदी छात्र कम पास हुए हैं। फेल हुए छात्र अब अगले सेमेस्टर में प्रोन्नति की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। मंडल के विभिन्न कॉलेजों से शुक्रवार को आए छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन से उन्हें अगली कक्षा में प्रमोट करने की मांग कर रहे थे। कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि जिन छात्रों ने उत्तरपुस्तिका में अभद्र भाषा लिखी है, उनसे अभिभावक और कॉलेज के प्रतिनिधि से पूछताछ की जाएगी। इसके लिए जल्द ही सभी को नोटिस भेजा जाएगा।
1200 छात्रों ने किया चुनौती मूल्यांकन को आवेदन
कुलपति के अनुसार, परिणाम घोषित होने के बाद लगभग 1200 छात्रों ने चुनौती मूल्यांकन के लिए आवेदन किया है। इन छात्रों की उत्तरपुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन कराया जाएगा। विश्वविद्यालय का कहना है कि यदि मूल्यांकन में कोई त्रुटि पाई जाती है तो नियमानुसार संशोधन किया जाएगा

