जनगणना पूरी होने तक आठ जोन के तहत ही होगा नगर निगम का कार्य
प्रयागराज। नगर निगम के आठ जोन को चार जोन में परिवर्तित करने की योजना फिलहाल जनगणना पूरी होने तक के लिए टाल दी गई है। अब यह व्यवस्था वर्ष 2027 में लागू किए जाने का अनुमान है। इससे पहले चार जोन की व्यवस्था को लागू करने के लिए छह महीने का समय निर्धारित किया गया था।
शासन के आदेशानुसार पांच लाख की औसत आबादी के आधार पर शहर को चार जोन में पुनर्गठित किया जा रहा है। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रशासनिक कसावट, जनता को सहूलियत और जोन स्तर पर ही जलकर व गृहकर जैसी सेवाओं का त्वरित समाधान करना है।
इस व्यवस्था को लागू करने के लिए नगर निगम में बैठक भी हो चुकी है, लेकिन जनगणना कार्य को
देखते हुए शासन की तरफ से व्यवस्था को लागू करने का समय एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा चार जोन में अधिकारियों की पोस्टिंग से लेकर कई अन्य कार्य होने हैं। वहीं, 22 मई 2026 से जनगणना के तहत मकानों के सूचीकरण का कार्य शुरू होना है। इसके अलावा मार्च 2027 से जनगणना का कार्य आरंभ हो जाएगा।
चार जोन होने के लाभ
मुट्ठीगंज, झुंसी, फाफामऊ और ट्रांसपोर्ट नगर जैसे पुराने जोन को समायोजित किया जाएगा। प्रत्येक जोन कार्यालय में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, कर भुगतान की सुविधा होगी। मुख्यालय पर निर्भरता कम होगी और
नागरिक सेवाएं बेहतर होंगी।
चार जोन में बांटे जाने की है योजना, अफसरों की पोस्टिंग समेत अन्य मुद्दे बने कारण
शहर को चार जोन में पुनर्गठित करने का कार्य जनगणना पूरी होने के बाद किया जाएगा। कई कारणों की वजह से जोन पुनर्गठित के कार्य को एक साल के लिए आगे बढ़ाया गया
है। - संजय ममगई, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, नगर निगम
