जन्म प्रमाणपत्र और आधार के बिना भी स्कूलों में होगा दाखिला, अभियान के प्रमुख बिंदु
आजमगढ़। नए शैक्षिक सत्र 2026-27 की
शुरुआत के साथ जिले में एक अप्रैल से स्कूल चलो अभियान शुरू किया जाएगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) राजीव पाठक ने बताया कि इस अभियान के तहत बच्चों के - नामांकन में अब आधार कार्ड और जन्म प्रमाण - पत्र बाधा नहीं बनेंगे। अभिभावकों द्वारा दी गई - जानकारी के आधार पर ही विद्यालयों में प्रवेश दिया जाएगा।
सभी प्रधानाध्यापकों और इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को निर्देश जारी कर शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने ड्रॉपआउट और आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिन्हित कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया है।
अभियान के तहत एक अप्रैल से 15 अप्रैल तक विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसमें रैलियां, प्रभात फेरियां और दीवार लेखन के माध्यम से अभिभावकों को बच्चों का नामांकन कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा.
अभियान के प्रमुख बिंदु
परिवार सर्वेक्षणः शिक्षक अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और वंचित व कामकाजी बच्चों को चिन्हित कर उनका नामांकन कराएंगे।
जनजागरूकताः रैली, प्रभात फेरी और प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा।
बालिका शिक्षाः शिक्षा से वंचित बालिकाओं को प्राथमिकता के आधार पर नामांकित किया जाएगा।
दिव्यांग बच्चेः विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी।
विद्यालय वातावरणः स्कूलों को स्वच्छ और आकर्षक बनाकर नामांकन बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
इसके साथ ही आंगनबाड़ी से कक्षा एक, कक्षा पांच से छह और कक्षा आठ से नौ में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा। तीन वर्ष के बच्चों को बाल वाटिका और छह वर्ष के बच्चों को कक्षा एक में प्रवेश दिलाया जाएगा।
शासन के निर्देशों के अनुसार इस बार नामांकन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। अभिभावकों से अपील है कि वे अपने बच्चों कानामांकन नजदीकी विद्यालय में अवश्य कराएं और उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजें। -
राजीव पाठक, बीएसए

