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Saturday, March 14, 2026

शिक्षिकाओं की ऑनलाइन अटेंडेंस की फोटो पर टिप्पणी का मामला: शिक्षक संघ ने महिला आयोग से की कार्रवाई की मांग, मामला पड़ोसी राज्य का...

 शिक्षिकाओं की ऑनलाइन अटेंडेंस की फोटो पर टिप्पणी का मामला: शिक्षक संघ ने महिला आयोग से की कार्रवाई की मांग, मामला पड़ोसी राज्य का...


मुंगेर (बिहार), 14 मार्च 2026:

मुंगेर जिले में एक शिक्षिका के ऑनलाइन अटेंडेंस फोटो को लेकर टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में प्रारंभिक विद्यालय शिक्षक संघ ने बिहार राज्य महिला आयोग को पत्र भेजकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।


संघ द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार, जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) मुंगेर द्वारा एक शिक्षिका की ऑनलाइन उपस्थिति के दौरान अपलोड की गई फोटो को लेकर दुपट्टा न होने पर स्पष्टीकरण मांगा गया।


शिक्षक संघ का कहना है कि इस तरह किसी महिला कर्मचारी के पहनावे पर सार्वजनिक टिप्पणी करना कार्यस्थल पर महिलाओं के प्रति उत्पीड़न (Sexual Harassment) की श्रेणी में आ सकता है।


क्या है पूरा मामला

शिक्षक संघ के पत्र के मुताबिक, एक प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका द्वारा 09 फरवरी और 10 फरवरी 2026 को ऑनलाइन सेल्फी अटेंडेंस में अपनी फोटो अपलोड की गई थी।


इस पर जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से यह आरोप लगाया गया कि फोटो में दुपट्टा नहीं था, जिसके आधार पर शिक्षिका से स्पष्टीकरण मांगा गया।


संघ का कहना है कि शिक्षिका ने अपने स्पष्टीकरण में स्पष्ट किया कि फोटो में दुपट्टा सामने की बजाय साइड में रखा हुआ था, इसलिए आरोप निराधार है।


शिक्षक संघ ने उठाए कई सवाल

शिक्षक संघ ने इस पूरे मामले पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जैसे —


क्या किसी महिला कर्मचारी के पहनावे पर टिप्पणी करना POSH Act 2013 का उल्लंघन नहीं है?

क्या जिला शिक्षा पदाधिकारी स्वयं शिक्षिकाओं की फोटो को ज़ूम करके यह तय करेंगे कि कौन सा पहनावा शालीन है और कौन नहीं?

क्या किसी अधिकारी को यह अधिकार है कि वह शिक्षिकाओं की पोशाक पर इस तरह टिप्पणी करे?




महिला आयोग से जांच और कार्रवाई की मांग

शिक्षक संघ ने बिहार राज्य महिला आयोग से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ Sexual Harassment of Women at Workplace (Prevention, Prohibition and Redressal) Act, 2013 के तहत कार्रवाई की जाए।


संघ ने यह भी कहा कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारी को जांच अवधि तक पद से हटाया या निलंबित किया जाना चाहिए।


शिक्षकों में नाराजगी

इस घटना के बाद शिक्षकों के बीच नाराजगी देखी जा रही है। कई शिक्षकों का कहना है कि ऑनलाइन अटेंडेंस का उद्देश्य उपस्थिति सुनिश्चित करना है, न कि महिला कर्मचारियों के पहनावे पर टिप्पणी करना।




शिक्षिकाओं की ऑनलाइन अटेंडेंस की फोटो पर टिप्पणी का मामला: शिक्षक संघ ने महिला आयोग से की कार्रवाई की मांग, मामला पड़ोसी राज्य का... Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Updatemarts

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