ड्रॉप आउट बच्चों की निगरानी के लिए लागू होगी ट्रैकिंग व्यवस्था
लखनऊ। परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों में एक अप्रैल से नया सत्र शुरू हो रहा है। इसमें नामांकन के बाद बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों (ड्रॉप आउट) पर ज्यादा नजर रहेगी। इसके लिए बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग प्रदेश में ट्रैकिंग व्यवस्था लागू करेगा। इसमें किसी भी छात्र के स्कूल से लगातार गायब रहने पर संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचना मिलेगी
यदि कोई छात्र नामांकन के बाद विद्यालय आना बंद करता है या लगातार अनुपस्थित रहता है तो इसकी जानकारी मैसेज से प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान और बीएसए, डीआईओएस तक पहुंच जाएगी। इससे समय रहते छात्रों
की पहचान कर उन्हें दोबारा स्कूल से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। एक मंडल में हुए ट्रायल में इससे छात्रों की उपस्थिति बढ़ी और ड्रॉपआउट के मामलों में कमी आई है।
इसे देखते हुए अब यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू करने की तैयारी है। ट्रैकिंग सिस्टम से चिह्नित छात्रों के घर शिक्षकों की टीम जाएगी और अभिभावकों से संवाद कर स्कूल छोड़ने के कारणों की जांच करेगी। इसका कारण आर्थिक, सामाजिक या अन्य होगा तो शासन की योजनाओं से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी ताकि छात्र फिर से पढ़ाई से जुड़ सके

