शिक्षामित्र सम्मान समारोह में उमड़ा जनसैलाब, सरकार के फैसले पर जताया आभार
शिक्षामित्रों का भव्य सम्मान समारोह, जनप्रतिनिधियों का किया गया अभिनंदन
मिर्जापुर में शिक्षामित्रों के सम्मान और एकजुटता का एक यादगार कार्यक्रम देखने को मिला। 08 मार्च 2026 को सिटी क्लब, मिर्जापुर में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के तत्वावधान में शिक्षामित्रों का भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में शिक्षामित्र इस कार्यक्रम में पहुंचे और अपने जनप्रतिनिधियों का सम्मान करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
यह आयोजन सिर्फ सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षामित्रों के मुद्दों, सरकार के फैसलों और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
जनप्रतिनिधियों का हुआ भव्य स्वागत
कार्यक्रम में कई प्रमुख जनप्रतिनिधि मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसमें पूर्व मंत्री एवं मड़िहान विधायक रमाशंकर सिंह पटेल, विधायक रत्नाकर मिश्र, मझवां विधायक सूचिस्मिता मौर्य और विधायक अनुराग सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
शिक्षामित्र संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सभी अतिथियों का विशाल माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम का माहौल उत्साह और सम्मान से भरा हुआ था, जहां शिक्षामित्रों ने अपने जनप्रतिनिधियों के प्रति विश्वास और सहयोग का संदेश भी दिया।
मानदेय वृद्धि पर सरकार के फैसले का स्वागत
कार्यक्रम के दौरान शिक्षामित्रों ने हाल ही में आई latest update पर खुशी जताई। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि किए जाने के फैसले को लेकर सभी ने आभार व्यक्त किया।
संघ के सदस्यों का कहना था कि यह मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी और सरकार के इस निर्णय से शिक्षामित्रों को बड़ी राहत मिली है। कई शिक्षामित्रों ने इसे उनके काम और योगदान को मिलने वाला सम्मान बताया।
विधायक रमाशंकर सिंह पटेल ने दी शुभकामनाएं
अपने संबोधन में मड़िहान विधायक रमाशंकर सिंह पटेल ने सबसे पहले सभी शिक्षामित्रों को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों ने ग्रामीण और प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षामित्रों की समस्याओं को समझते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संवेदनशील निर्णय लेते हुए मानदेय बढ़ाने का फैसला लिया है। यह कदम शिक्षामित्रों के योगदान को स्वीकार करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।
उन्होंने मुख्यमंत्री के इस फैसले के लिए आभार जताते हुए कहा कि सरकार आगे भी शिक्षा से जुड़े कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखकर important guidelines और फैसले लेती रहेगी।
अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी की सराहना
कार्यक्रम में मौजूद अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी शिक्षामित्रों की मेहनत और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा की मजबूती में शिक्षामित्रों की भूमिका बेहद अहम है और सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय उनके हित में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कई वक्ताओं ने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था तभी मजबूत होगी जब शिक्षकों और शिक्षामित्रों को उचित सम्मान और सुविधाएं मिलें।
बड़ी संख्या में पहुंचे शिक्षामित्र और पदाधिकारी
इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के कई पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें जिलाध्यक्ष सुनील सिंह पटेल, महामंत्री राम अनुज मौर्य, जिला प्रभारी राजकुमार सिंह, जिला संगठन मंत्री रामबली यादव, जिला संयोजक डॉ. भारती, जिला उपाध्यक्ष अकरम आजाद, रविंद्र पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कुमार सिंह और प्रदेश संगठन मंत्री श्रीराम द्विवेदी सहित कई अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
जिले भर से आए शिक्षामित्रों की बड़ी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में शिक्षामित्रों ने सरकार के प्रति विश्वास जताते हुए शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने का संकल्प दोहराया। पूरे कार्यक्रम का माहौल गरिमामय, उत्साहपूर्ण और सौहार्दपूर्ण रहा।
इस सम्मान समारोह ने एक बार फिर यह दिखाया कि शिक्षामित्र सिर्फ शिक्षण कार्य ही नहीं करते, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निरंतर सक्रिय भी रहते हैं।
