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Saturday, March 7, 2026

क्या-क्या दिन आ गए! BSA और बाबू पर 10-10 हजार का इनाम

 देवरिया BSA और बाबू पर 10-10 हजार का इनाम:* 


*शिक्षक सुसाइड केस में फरार हैं दोनों, हेडमास्टर को गिरफ्तार कर चुकी गोरखपुर पुलिस*


गोरखपुर के शिक्षक *कृष्ण मोहन सिंह* की सुसाइड के मामले में फरार देवरिया की बीएसए *शालिनी श्रीवास्तव* और कार्यालय बाबू *संजीव सिंह* की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 10-10 हजार का इनाम घोषित किया। 


इस घटना में एफआईआर होने के बाद से ही बीएसए और बाबू को *निलंबित* कर दिया गया था। 


इसके बाद से ही *दोनों फरार* चल रहे हैं।

गोरखपुर एसएसपी *डॉ. कौस्तुभ* ने बताया कि फरार बीएसए और बाबू की गिरफ्तारी के लिए इनाम रखा गया है। 


दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 04 टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। 


गुलरिहा थाने में 22 फरवरी को शिक्षक की पत्नी *गुड़िया* की तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। 


इसमे एक हेडमास्टर को गिरफ्तार कर पुलिस जेल भिजवा चुकी है।


*हेडमास्टर की हो चुकी है गिरफ्तारी*

शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की सुसाइड के मामले में गुलरिहा पुलिस ने 27 मार्च को आरोपी पूर्व हेडमास्टर को गिरफ्तार कर लिया है। 


देवरिया जिले के गौरीबाजार, अर्जुनडीहा निवासी पूर्व हेडमास्टर *अनिरुद्ध सिंह* ने ही कृष्ण मोहन सिंह का परिचय बीएसए कार्यालय के लिपिक संजीव सिंह से कराया था। 


उसी ने 16 लाख रुपये की डील तय कराई थी।

लेनदेन का साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने मुकदमे में भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा बढ़ा दी है। 


मुकदमे की विवेचना अब सीओ गोरखनाथ *रवि कुमार सिंह* करेंगे।


*यह है पूरा मामला...*

कुशीनगर जनपद के हरैया बुजुर्ग निवासी कृष्ण मोहन सिंह (37) गुलरिहा थाना क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज में परिवार के साथ रहते थे। 

वह देवरिया के गौरीबाजार स्थित *कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय* में सहायक अध्यापक थे। 21 फरवरी की दरमियानी रात उन्होंने फंदे पर लटककर जान दे दी।


मरने से पहले उन्होंने चार पेज का सुसाइड नोट लिखा था। जिसमें बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, बाबू संजीव सिंह और पूर्व प्रधानाचार्य अनिरुद्ध सिंह पर 16 लाख रुपये लेने और लगातार उत्पीड़न करने के आरोप लगाए थे।


22 फरवरी को कृष्ण मोहन सिंह की पत्नी गुड़िया की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर गुलरिहा थाना पुलिस ने जांच की तो पता चला कि 


अनिरुद्ध सिंह ने ही *कृष्ण मोहन सिंह, अपर्णा तिवारी और ओंकार सिंह* का परिचय बीएसए कार्यालय के लिपिक संजीव सिंह से कराया था।


*तीन शिक्षकों से लिए थे 16-16 लाख रुपए*



आरोप है कि उसने ही तीनों शिक्षकों से 16-16 लाख रुपये की डील तय कराई थी। 


सुसाइड नोट में कृष्ण मोहन ने लिखा था कि अनिरुद्ध सिंह ने ही उन्हें बीएसए कार्यालय ले जाकर संजीव से मिलवाया और पैसे के सौदे में मध्यस्थता की।



एसपी सिटी *अभिनव त्यागी* ने बताया कि पूर्व प्रधानाचार्य को दोपहर बाद न्यायालय में पेश किया गया। जहां से जेल भेज दिया गया। 




निलंबित बीएसए व लिपिक संजीव सिंह की तलाश में *देवरिया के साथ ही बलिया में छापेमारी* चल रही है।

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