CDP: विकास की अवधारणा और अधिगम के साथ उसका सम्बन्ध नोट्स पार्ट 9
| ‘साथी समूह’ से तात्पर्य है— | एक व्यवसाय में कार्यरत लोग, मित्र | HP TET (Arts) Dec. 2014 |
| वह अवस्था जब बालक अपने अभिभावकों के साथ कम आनन्दित होता है, सम्बन्धित है उसके— | सामाजिक विकास से | H TET (I-V) 2017 |
| सामाजिक विकास से सम्बन्धित चरण जिसमें व्यक्ति समूह, समाज और राष्ट्र के व्यापक हितों में अपने हित को त्याग सकता है— | किशोरावस्था | CG TET (I-V) 09.01.2022 |
| आक्रामकता का कारण सामाजिक हो सकता है, न कि— | जीववैज्ञानिक, शरीर विज्ञान सम्बन्धी | CG TET (I-V) 09.01.2022 |
| सामाजिक विकास अनिवार्य रूप से एक विषय है— | सामाजिक व्यवस्था के उद्देश्यों के साथ स्वयं के उद्देश्यों का एकीकरण | CG TET (I-V) 09.01.2022 |
| बच्चों के सामाजिक विकास को प्रभावित करने वाले कारक हैं— | सामाजिक परिवेशजन्य तत्व | UP TET Paper-I (Class I-V) 15 Oct 2017 UP TET (I-V) 23.01.2022 Reexam |
| बालक का सामाजिक विकास प्रभावित होता है— | सामाजिक-आर्थिक स्तर से, विद्यालय से, परिवार से | B TET (I-V) 23.07.2017 BIHAR TET Paper-I (I-V) 2013 |
| शिशु का सामाजिक विकास निर्भर करता है— | दूसरों से बातचीत करने के अवसर पर | MP TET (I-V) 2011 |
| बच्चे के सामाजिक विकास को प्रभावित कर सकता है— | पुरानी बीमारी | MP TET (VI-VIII) 21 Feb 2019 (2:30 PM) |
| सामाजिक रूप से अपरिपक्व छात्रों को .......... छात्रों के रूप में जाना जाता है। | निर्भर | MP TET (VI-VIII) 17 Feb 2019 (2:30 PM) |
| XIII. मानसिक विकास | ||
| जैसे-जैसे शिशु विकसित होता है, वैसे-वैसे उसकी मानसिक क्षमता— | बढ़ती है | HP TET (Arts) Sep. 2018 |
| परासंजन/अभिसंजन है— | अपनी खुद की सोच के बारे में सोचने की प्रक्रिया | CTET (VI-VIII) 29.12.2021 |
| एक शिक्षिका अपने विद्यार्थियों के बीच संज्ञानात्मक प्रवर्धन कौशल को सुधारना चाहती है। इस उद्देश्य के लिए वह बालकों— | छोटों के लिए वर्गीकरण करना | CTET (VI-VIII) 08.01.2022 |
| विकास का वह क्षेत्र जिसका सम्बन्ध बौद्धिक सामर्थ्य जैसे कि ध्यान, स्मृति, समस्या समाधान क्षमता और रचना करने से है— | संज्ञानात्मक क्षेत्र | CTET (I-V) 22.12.2021 |
| बच्चों में विवेचनात्मक चिंतन को बढ़ावा देने का उदाहरण है— | पता करो कि तटीय इलाके में रहने वाले लोग क्या खाते हैं व क्यों | CTET (I-V) 16.01.2022 |
| संज्ञानात्मक विकास का अर्थ है— | बुद्धि का विकास | HP TET June 2019 HP TET (Arts) Feb. 2013 UK TET (I-V) 06.11.2019 |
| संज्ञानात्मक विकास का तात्पर्य है— | ग्रहण की गई संवेदी सूचनाओं का रूपान्तरण, याद की गई सूचनाओं का विस्तार, सूचनाओं का संग्रहण एवं पुनःप्रस्तुतीकरण | H TET (I-V) 11.11.2019 |
| ‘जेंडर स्कीमा’ थ्योरी प्रतिपादित की— | एम.एल. बेम | H TET (I-V) 11.11.2019 |
| बच्चों में सृजनात्मकता का विकास करना, विकास के .......... आयाम से सम्बन्धित है। | मानसिक | H TET PRT (I-V) 19.12.2021 |
| बालक के बौद्धिक विकास से तात्पर्य है— | समझ, कल्पना, तर्क | CG TET (I-V) 09.01.2022 |
| एक बालक की संज्ञानात्मक शक्तियाँ जैसे कल्पना-शक्ति, बुद्धि, निर्णय लेने की क्षमता, आदि का सम्बंध है बालक के— | मानसिक विकास से | Haryana TET Paper-I (Class I-V) 2015 |
| मानसिक विकास के तहत आने वाला आयाम है— | भाषा | H TET (I-V) 2017 |
| संज्ञानात्मक विकास का अर्थ है— | अभियोग्यता का विकास | CG TET (I-V) 09.01.2022 |
| मानसिक बुद्धि और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है— | सीखना तथा परिपक्वन दोनों | Haryana TET Paper-II (Class VI-VIII) 2015 |
| मानसिकता के सिद्धान्त का सबसे अच्छा वर्णन करता है— | प्रोढ़ मानसिकता, असफलता को एक मामूली रुकावट के रूप में देखती है, सुधारने और विकसित होने का अवसर देती है | MP TET (VI-VIII) 24 Feb 2019 (2:30 PM) |
| बच्चे के संज्ञानात्मक विकास हेतु उत्तम स्थान है— | विद्यालय एवं कक्षा का वातावरण | UP TET Paper-II (Class VI-VIII) 27 June 2013 |
| मानसिक विकास को प्रभावित करने वाले कारक हैं— | वंशानुक्रम, परिवार का वातावरण, परिवार की सामाजिक स्थिति | CG TET Paper-I (Class I-V) 2011 |
