लखनऊ। अगले तीन दिनों तक अलग-अलग हिस्सों में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे तापमान में गिरावट और जनजीवन पर असर पड़ने के आसार हैं।
मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय प्रभाव से प्रदेश में 31 मार्च तक मौसम अस्थिर बना रहेगा। खासतौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29 मार्च से ही मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना जताई गई है, जबकि पूर्वी हिस्सों में फिलहाल मौसम सामान्य बना हुआ है।
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30 मार्च को मेघगर्जन के साथ चलेंगी तेज हवाए, बारिश
30 मार्च को मौसम का दायरा और बढ़ेगा। इस दिन पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। साथ ही तेज हवाएं 40 से 50 किमी प्रति घंटे से लेकर 60 किमी प्रति घंटे तक चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
तीन दिनों तक मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी
31 मार्च को भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मेघगर्जन और वज्रपात की स्थिति बनी रहेगी। इस दौरान विशेष रूप से मध्य और पूर्वी जिलों में इसका असर अधिक देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग ने जारी की इन जिलों में चेतावनी
जिलावार चेतावनी के अनुसार, 29 मार्च को सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ और बिजनौर में आकाशीय बिजली और तेज हवाओं का प्रभाव अधिक रहेगा। वहीं 30 मार्च को लखनऊ समेत प्रदेश के कई बड़े जिलों में मेघगर्जन और तेज हवाओं का दायरा फैल जाएगा। 31 मार्च को यह असर पूर्वांचल और मध्य यूपी के जिलों में अधिक रहने की संभावना है।
पेड़ और होर्डिंग्स को पहुंच सकता है नुकसान
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान तेज हवाओं से कमजोर मकानों, पेड़ों और होर्डिंग्स को नुकसान पहुंच सकता है, जबकि वज्रपात की घटनाएं जानलेवा साबित हो सकती हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान घर के अंदर रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और बिजली के उपकरणों को सुरक्षित रखें।
कृषि क्षेत्र पर भी इसका असर पड़ने की संभावना
कृषि क्षेत्र पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है। तेज हवाओं और बारिश से गेहूं, सरसों, चना, मटर सहित कई फसलों को नुकसान हो सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि पकी फसलों की समय पर कटाई करें और खड़ी फसलों को सहारा दें।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस पूरे सिस्टम के चलते अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि एक अप्रैल से मौसम साफ होने के साथ तापमान में फिर से 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे गर्मी दोबारा बढ़ेगी।
