लखनऊ। अपर मुख्य सचिव बेसिक व माध्यमिक पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि एआई को शिक्षा व्यवस्था को सशक्त करने वाले माध्यम के रूप में अपनाना ही होगा। शिक्षकों को जानकारी देते हुए कहा कि आज एआई का जमाना है। इसलिए समय के साथ इसे समझ जरूरी है।
मौका था बेसिक शिक्षा विभाग व संपर्क फाउंडेशन की ओर से मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम एआई फॉर एजुकेशन इंपैक्ट स्टेट एक्शन डायलॉग का। कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने की।उन्होंने बताया कि कार्यशाला का लक्ष्य शिक्षकों को एआई आधारित नवाचारों से परिचित कर उन्हें प्रशिक्षित करना है। इससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा सकेगा। संपर्क फाउंडेशन के सहयोग से इस पहल को बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों तक पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में कई ऐसे परिषदीय विद्यालय हैं जहां प्रवेश के लिए उत्साह बढ़ा है जो शिक्षकों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। स्वयं शिक्षिका रहने का अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि बदलाव की इस प्रक्रिया को उन्होंने करीब से महसूस किया है और जिस तरह दुनिया एआई के साथ आगे बढ़ रही है, उसी तरह अब प्रदेश के शिक्षक और विद्यार्थी भी कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ेंगे। वर्तमान में 19 हजार से अधिक सरकारी विद्यालयों के एक लाख शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
