जनगणना कराने के लिए घर पर रहना अनिवार्य नहीं, ऑनलाइन भर सकेंगे फॉर्म
17 अप्रैल से 1 मई तक वेब पोर्टल se.census.gov.in पर भरना होगा स्वगणना फॉर्म, 33 सवालों के जवाब देने होंगे
जनगणना कराने के लिए घर पर रहना जरूरी नहीं है। आप कहीं से भी ऑनलाइन स्वगणना कर सकते हैं। वेब पोर्टल
se.census.gov.in पर 17 अप्रैल से 1 मई 2026 तक फॉर्म भर सकते हैं। इस दौरान 33 सवालों का जवाब देना होगा। आपने जो जवाब दिया है, इसकी जांच प्रगणक और पर्यवेक्षक द्वारा 2 मई से की जाएगी। सत्यापन के दौरान आपके द्वारा ऑनलाइन दी गई जानकारी सही पाए जाने पर प्रगणक के ओके करते ही पहले चरण की जनगणना पूरी हो जाएगी। जो लोग ऑनलाइन स्वगणना नहीं करेंगे, उनके मकानों की गिनती 2 से 31 मई तक प्रगणक और पर्यवेक्षक घर जाकर करेंगे। इस दौरान घर के मुखिया से उन 33 सवालों को पूछेंगे और जवाब पोर्टल पर अपलोड करेंगे। अधिकारियों के मुताबिक देश में पहली बार डिजिटल जनगणना हो रही है।
ऐसे करनी होगी स्वगणना
गूगल के माध्यम से वेब पोर्टल se.census.gov.in खोलना है।
अपना राज्य, जिला, मोबाइल नंबर और ईमेल डालना है।
मोबाइल पर आए ओटीपी से सत्यापन कर लॉगिन करनी है।
गूगल मैप या डिजिपिन के जरिए घर की तस्वीर सलेक्ट करनी है।
इसके बाद 33 सवालों का जवाब देना है।
इन 33 सवालों का जवाब देना होगा
घर के संबंध में मकान नंबर, जनगणना मकान संख्या, घर किस फर्श का है, दिवाल की सामग्री, छत की सामग्री, घर का उपयोग, घर की स्थिति।
बुनियादी जरूरतें पेयजल का स्रोत, पेयजल की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय की सुलभता, किस प्रकार का शौचालय, गंदे पानी का निकास, स्नानगृह की उपलब्धता, रसोईघर की उपलब्धता (एलपीजी-पीएनजी), खाना पकाने का मुख्य साधन (फ्यूल)।
परिवार के संबंध में: परिवार की संख्या, घर में कितने लोग रहते हैं, परिवार के मुखिया का नाम, परिवार के मुखिया का लिंग, परिवार के मुखिया की जाति (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य), घर स्वयं के नाम/किराया पर, कितने कमरे हैं, घर में कितने विवाहित परिवार रहते हैं।
ये हैं या नहीं: रेडियो, टीवी, इंटरनेट, लैपटॉप कंप्यूटर, टेलीफोन-मोबाइल फोन-स्मार्ट फोन, साइकिल-स्कूटर-मोटरसाइकिल-मोपेड, कार-जीप-वैन, मोबाइल नंबर।

