बेसिक शिक्षा परिषद उ०प्र० में कार्यरत शिक्षकों की लम्बित समस्याएं/मांगे निम्नवत हैं-
महोदय,
बेसिक शिक्षा परिषद उ०प्र० में कार्यरत शिक्षकों की लम्बित समस्याएं/मांगे निम्नवत हैं-
1- शिक्षकों की ड्यूटी BLO कार्य, बोर्ड परीक्षा ड्यूटी सहित अन्य गैर शैक्षणिक कार्यों में न लगाई जाये।
2- पूर्व में निर्धारित अवकाशों को यथावत रखते हुए शिक्षकों/कार्मिकों को राज्य कर्मचारियों की भांति 30 अर्जित अवकाश, 15 अर्ध दिवस आकस्मिक अवकाश तथा प्रतिकर अवकाश अनुमन्य किये जायें।
3- पूर्व की भांति पूर्व मा० विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की पदोन्नति खण्ड शिक्षा अधिकारी के पदों पर की जाये।
4- परिषदीय शिक्षकों को भी माध्यमिक शिक्षकों की भांति शत प्रतिशत प्रोन्नति वेतनमान का लाभ दिया जाये।
5- विगत कई वर्षों से पदोन्नति प्रक्रिया बाधित है। शिक्षकों की पदोन्नति एवं स्थानांतरण नियमित रूप से कराये जायें।
6- वित्त मंत्रालय (व्यय विभाग) भारत सरकार द्वारा जारी कार्यालय ज्ञाप संख्या 8-23/2017-ई-111-A दिनांक 28-09-2018 की भांति पदोन्नति प्राप्त सभी शिक्षकों को सीधी भर्ती के बराबर न्यूनतम वेतनमान 17140/18150 देने हेतु आदेश जारी कर विसंगति दूर की जाये।
7- प्रत्येक परिषदीय विद्यालय में प्रधानाध्यापक का पद अनिवार्य रूप से सृजित किया जाये। साथ ही शिक्षण कार्य हेतु प्रति कक्षा एक शिक्षक अवश्य उपलब्ध कराया जाये ताकि विद्यालय सुचारू रूप से संचालित हो सकें।
8- 31 मार्च 2014 के बाद नियुक्त एवं अद्यतन कार्यरत समस्त शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के नियमित वेतन से दिनांक 01-9-2022 के पूर्व काटी गई बीमा प्रीमियम की कुल धनराशि मय व्याज के उनको वापस किया जाये। साथ ही उक्त अवधि में असामयिक रूप से दिवंगत शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के परिजनों को समूह बीमा पॉलिसी (GSLI) के अंतर्गत मृत्यु दावा एवं व्याज सहित मेच्योरिटी धनराशि का भुगतान किया जाये।
9. प्रत्येक विद्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर/लिपिक, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी एवं चौकीदार की नियुक्ति अनिवार्य रूप से की जाये। कृपया उपरोक्त समस्याओं/मांगों का सम्यक समाधान कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने की कृपा करें।

