एनपीएस के खिलाफ शिक्षक- शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियो का प्रदर्शन
ब्लॉक के प्राथमिक, माध्यमिक और डिग्री कॉलेजो ंके शिक्षकों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी विभागो के कर्मचारियो ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) को "काला कानून" बताते हुए एक व्यापक "काला दिवस" मनाया। अटेवा के ब्लॉक अध्यक्ष एस सी यादव ने बताया कि नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय बंधु के आह्वान पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसका उद्देश्य एनपीएस के कार्यान्वयन के प्रति सामूहिक विरोध और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की तत्काल बहाली की मांग को दर्ज कराना था। ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने अपनी कक्षाओं और कार्यालयो में काली पट्टी बांधकर और काले वस्त्र पहनकर शिक्षण कार्य किया।
डी.ए.वी. इंटर कॉलेज बुढ़ाना सहित माध्यमिक और डिग्री कॉलेजो मे भी इसी तरह का विरोध प्रदर्शन देखा गया। जहां शिक्षकों और कर्मचारियो ने ओपीएस बहाली की मांग को लेकर सभाए कीं। विरोध की लहर केवल शिक्षण संस्थानो तक ही सीमित नही रही। स्थानीय बीडीओ ऑफिस, विद्युत विभाग और अन्य विभिन्न सरकारी कार्यालयो मे भी
कर्मचारियो ने अपनी ड्यूटी करते हुए काले बिल्ले और काली पट्टी लगाकर 'काले दिवस' का समर्थन किया। ब्लॉक अध्यक्ष एस सी यादव ने कहा, कि 1 अप्रैल एनपीएस के रूप में एक काले कानून की शुरुआत का प्रतीक है, जिसने लाखों कर्मचारियो की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को छीन लिया है। सरकार को यह समझना चाहिए कि कर्मचारी इस व्यवस्था से संतुष्ट नही है और अपनी पुरानी पेंशन की बहाली के लिए संकल्पित हैं। आज का यह ऐप पर पढ़ें दिवस' एक मजबूत संदेश है कि हम इस संघर्ष का तब तक
जारी रखेंगे, जब तक कि सभी सरकारी विभागो मे पुरानी
पेंशन बहाल न हो जाय। इस अवसर पर शिक्षक संघ और अन्य कर्मचारी संगठनो के पदाधिकारियों, सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और सरकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

