टीचर्स से अवकाश के दिनों में काम लेने पर प्रतिकर अवकाश दे सरकार
लखनऊ: विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने सरकार से ग्रीष्मकालीन, शीतकालीन एवं अन्य सार्वजनिक अवकाशों में शिक्षकों व कर्मचारियों से शासकीय कार्यों के बदले स्पष्ट प्रतिकर अवकाश दिये जाने की मांग उठाई गई है।
संगठन ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आादित्यनाथ को इस सम्बंध में ज्ञापन भेजा है।संगठन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी, महासचिव दिलीप चौहान एवं प्रांतीय संयुक्त मंत्री अरुण कुमार का कहना है कि प्रदेश के शिक्षक एवं कर्मचारी पूरे वर्ष शैक्षिक एवं प्रशासनिक दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हैं। शिक्षक विशेष रूप से ग्रीष्मकालीन अवकाश में पारिवारिक, सामाजिक एवं व्यक्तिगत दायित्वों का निर्वहन कर पाते हैं। बीते कई वर्ष से विभिन्न शासकीय कार्य जैसे सर्वेक्षण, निर्वाचन, जनगणना, प्रशिक्षण एवं अन्य प्रशासनिक काम अवकाश अवधि में लगातार कराए जाते हैं।
संगठन के महासचिव दिलीप चौहान ने कहा कि इन कार्यों के बदले स्पष्ट प्रतिकर अवकाश का कोई प्रभावी आदेश न होने के कारण संबंधित कार्मिकों को अवकाश नहीं मिल पाता है। केवल अल्प मानदेय अथवा पारिश्रमिक देकर अवकाश के अधिकार को समाप्त करना न्यायोचित नहीं है।संगठन ने यह भी मांग उठाई कि अनेक ऐसे दिवस अवकाश सूची में शामिल हैं, इन दिनों भी विद्यालयों एवं कार्यालयों में महापुरुषों की जयंती, विशेष समारोह अथवा अन्य कार्यक्रमों में अनिवार्य उपस्थिति कराई जाती है। शिक्षक एवं कर्मचारी दूर-दराज क्षेत्रों से लंबी दूरी तय कर स्कूल तक पहुंचते हैं और पूर्ण दायित्व के साथ काम करते हैं। अतः ऐसे दिवसों को अवकाश श्रेणी में रखना व्यवहारिक नहीं है। संगठन ने सरकार से मांग की है कि जयंती व विशेष कार्यक्रम के लिये अनिवार्य उपस्थिति वाले दिवसों को कार्य दिवस घोषित किया जाए।
ये हैं मांगें-अवकाश दिवसों में लिए गए कार्यों के बदले समान अवधि का प्रतिकर अवकाश अनिवार्य रूप से दिया जाए।
-केवल मानदेय/पारिश्रमिक देकर अवकाश अधिकार समाप्त न किया जाए।
-जयंती/विशेष कार्यक्रम के लिये अनिवार्य उपस्थिति वाले दिवसों को कार्य दिवस घोषित किया जाए।
-इस संबंध में विभागों के लिये स्पष्ट शासनादेश जारी किया जाए।

