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Thursday, April 16, 2026

केजीबीवी को लेकर अधिकारी लापरवाह, निरीक्षण से परहेज

 केजीबीवी को लेकर अधिकारी लापरवाह, निरीक्षण से परहेज

शासन-प्रशासन की तमाम सख्ती के बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी अपनी ही गति से काम कर रहे हैं। हालत यह है कि राजधानी लखनऊ में हुई लापरवाही के बाद प्रदेश भर के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में विभागीय अधिकारियों के नियमित निरीक्षण की व्यवस्था की गई थी। किंतु इसमें वे रुचि नहीं ले रहे हैं।



हाल ही में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में निरीक्षण के मामले में बड़ी लापरवाही सामने आई है। हालत यह है कि जिलों में डायट प्राचार्य को चार-चार, बीएसए को चार-चार और एडी बेसिक को एक-एक विद्यालयों का महीने में करना है। जिला समन्वयक बालिका शिक्षा को 20 से 40 विद्यालयों का भ्रमण करना है। किंतु विभागीय अधिकारी महीने में एक भी विद्यालय के निरीक्षण के लिए नहीं जा रहे हैं।


अयोध्या में डायट प्राचार्य, डीसी गर्ल्स व बीएसए ने एक भी विद्यालय का निरीक्षण नहीं किया है। बहराइच में डीसी गर्ल्स ने एक, डायट प्राचार्य व एडी बेसिक ने 00, बीएसए ने मात्र एक विद्यालय का निरीक्षण किया है। बलरामपुर में बीईओ को छोड़कर किसी भी अधिकारी ने केजीबीवी का निरीक्षण नहीं किया। खुद लखनऊ में बीईओ ने मात्र एक और अन्य अधिकारियों ने एक भी विद्यालय का निरीक्षण नहीं किया।


इन अधिकारियों को महीने में चार-चार केजीबीवी का करना है निरीक्षण


नामांकन की गति भी धीमी दूसरी तरफ केजीबीवी 12वीं तक अपग्रेड तो हो गए लेकिन इसमें छात्राओं की नामांकन की गति भी बहुत अच्छी नहीं है। श्रावस्ती, संतकबीर नगर, मुजफ्फरनगर, शामली, पीलीभीत, गौतमबुद्ध नगर, मैनपुरी में 11वीं व 12वीं में एक भी नामांकन नहीं हुए हैं। अयोध्या में एक, अमेठी व बागपत में दो-दो, बस्ती में तीन, सोनभद्र में पांच नामांकन हुए हैं। लखनऊ में 11वीं में 07, 12वीं में 00, मेरठ में 11वीं में मात्र 3, 12वीं में 00, बलिया व चित्रकूट में 12वीं में एक भी प्रवेश नहीं हुए हैं।


वाशिंग मशीन और जेनसेट का टेंडर नहीं विभाग की ओर से छात्राओं की सुविधा के लिए वाशिंग मशीन व जेनसेट आदि की सुविधा दी गई है। किंतु अंबेडकरनगर, अमेठी, बलरामपुर, बाराबंकी, रायबरेली, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, संभल, फतेहपुर, गाजीपुर, गोंडा आदि जिलों में वाशिंग मशीन का टेंडर नहीं हुआ। वहीं अंबेडकरनगर, अमेठी, बलरामपुर, बाराबंकी, रायबरेली, गोंडा समेत 30 जिलों में जेनसेट का टेंडर नहीं हुआ है।


इसी तरह अयोध्या, बस्ती, रायबरेली, देवरिया, फतेहपुर, गाजीपुर, हमीरपुर, सोनभद्र, सहारनपुर, कौशांबी, लखीमपुर खीरी जैसे दो दर्जन से अधिक जिलों ने फर्नीचर खरीद के लिए बिड ही नहीं की है। ऐसे में केजीबीवी की व्यवस्था में सुधार की कवायद पूरी नहीं हो पा रही है। बेसिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पर काफी नाराजगी जताते हुए तुरंत सुधार लाने के कड़े निर्देश और सुधार न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।

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