शिक्षिका पत्नी की आत्महत्या के बाद शिक्षक पति ने भी होटल में लगाई फांसी
आगरा | मुख्य संवाददाता आगरा के जगदीशपुरा क्षेत्र में एक शिक्षक परिवार में मचे कोहराम ने सबको स्तब्ध कर दिया है। दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज होने से आहत होकर प्राथमिक शिक्षक पति ने लखनऊ के एक होटल में आत्महत्या कर ली। इससे पहले उसकी शिक्षिका पत्नी ने ससुराल में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी।
पत्नी की मौत और दहेज का आरोप
मूल रूप से आगरा के कागारौल निवासी जितेंद्र गोयल बहराइच में प्राथमिक शिक्षक थे। उनकी शादी वर्ष 2020 में आगरा की ही पूजा सिंघल (30 वर्ष) से हुई थी, जो श्रावस्ती में शिक्षिका थीं। बुधवार को पूजा एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने अपनी ससुराल (अवधपुरी कॉलोनी, जगदीशपुरा) आई थीं। दोपहर में उन्होंने अपने पांच वर्षीय बेटे को दूसरे कमरे में सुलाया और खुद पंखे से लटककर जान दे दी।
शाम को जब पूजा ने दरवाजा नहीं खोला, तो पुलिस की मौजूदगी में शव को उतारा गया। मृतका के मायके वालों ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने पति जितेंद्र, ससुर वासुदेव और दो देवरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
मुकदमे से आहत पति का आत्मघाती कदम
पत्नी की मौत और परिवार पर लगे गंभीर आरोपों के बाद जितेंद्र गोयल मानसिक रूप से टूट गए थे। उन्होंने किसी का फोन उठाना बंद कर दिया और लखनऊ चले गए। वहाँ एक होटल में उन्होंने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। जितेंद्र के इस कदम की जानकारी मिलते ही आगरा पुलिस ने हिरासत में लिए गए उनके दो भाइयों (रोमी व राहुल) को छोड़ दिया।
पुलिस की कार्रवाई
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि मायके पक्ष की तहरीर पर पहले दहेज उत्पीड़न और हत्या की धाराओं में मामला पंजीकृत किया गया था। जितेंद्र की मौत के बाद अब पुलिस पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच कर रही है। एक हंसता-खेलता परिवार इस कानूनी और मानसिक उलझन की भेंट चढ़ गया, जिससे उनके पांच वर्षीय मासूम बेटे के सिर से माता-पिता दोनों का साया उठ गया है।


