आठ महीने बाद भी हजारों टैब बंद
सूबे के सरकारी स्कूलों को दिए गए हजारों टैब आठ महीने बाद भी चालू नहीं हो सके हैं। ढाई हजार टैब में अबतक मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट नहीं जुड़ पाया है। जो टैब चालू हैं, उनमें भी 50% से ही चेहरे की पहचान कर हाजिरी बन रही है। सूबे में बीते साल अगस्त में स्कूलों को एक लाख से अधिक टैब दिए गए थे।
मुजफ्फरपुर जिले को मिले 7 हजार टैब में से लगभग 3 हजार से ही बच्चों के चेहरे की पहचान कर हाजिरी बन रही है। हालांकि, जिले में 7 हजार में अबतक 126 में ही मोबाइल डिवाइस मैनजमेंट नहीं जुड़ा है, लेकिन जिनटैब में जुड़ चुका है, उनमें भी काम नहीं कर रहा है।
बच्चों की उपस्थिति में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए टैब से हाजिरी बनाने की पहल हुई थी, लेकिन आठ महीने बाद भी जिले समेत सूबे के 50 फीसदी से अधिक स्कूलों में यह कामयाब नहीं हो सका है। राज्य
कार्यक्रम पदाधिकारी विनोद कुमार ने इस संबंध में सभी जिलों को निर्देश जारी किया है।
पूर्वी चंपारण, गया, नालंदा में सबसे अधिक टैब बंदः नालंदा में 158 टैब में मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट नहीं जुड़ा है। पूर्वी चंपारण में यह संख्या 594 है। गया में 168 टैब बंद पड़े हैं।

