दिनभर परेशान रहे गुरुजी कैसे खपाएं बजट
मार्च का अंतिम दिन कई चुनौतियों के साथ आया। दिनभर एक चिंता बनी रही कि बजट लैप्स न हो। खाते में आए रुपये को निर्धारित मद में खर्च करने का दबाव बना रहा। एक दिन पहले स्कूल शिक्षा महानिदेशक द्वारा सभी बीएसए, बीईओ, और डीसीटी के लिए निर्देश जारी किए गए थे। इसमें कहा गया कि समग्र शिक्षा के तहत प्रदेश के 7,409 परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की स्थापना की गई है। इनके संचालन के लिए इंटरनेट ब्राडबैंड की सुविधा हेतु आवर्ती ग्रांट भेजी गई है। इस मद में कुल 8,89,08,000 रुपये एसएमसी स्तर से व्यय किए जाने हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति के दृष्टिगत भेजी गई धनराशि की लिमिट तत्काल
एसएमसी को जारी करते हुए संबंधित धनराशि का प्रयोग 31 मार्च तक सुनिश्चित करें।
बीएसए अनिल कुमार ने निर्देश जारी कर कहा कि प्रयागराज में 245 परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की स्थापना की गई है। प्रत्येक विद्यालय के लिए 12,000 रुपये भेजे गए हैं। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के मंडल महामंत्री ब्रजेंद्र सिंह ने कहा कि एक दिन में बजट खर्च करना कठिन है। 30 मार्च के पत्रांक से महानिदेशक कार्यालय से आदेश जारी हुआ। भुगतान न होने पर जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक की

