प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने की तैयारी
लखनऊ, । यूपी में प्रशासक समिति के माध्यम से ग्राम पंचायत प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। 26 मई को पांच साल का कार्यकाल खत्म हो रहा है।
अभी तक ‘समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग’ नहीं बना है और मतदाता सूची भी तैयार नहीं हो पाई है। पंचायती राज विभाग के एक्ट में दो व्यवस्थाएं हैं। पहली ग्राम पंचायतों का पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर प्रशासक बैठाया जाता है। एडीओ (पंचायत) को प्रशासक बनाया जाता है। दूसरी व्यवस्था है कि प्रशासक समिति को ग्राम चलाने का अधिकार मिले, जिसमें जनप्रतिनिधि भी होते हैं। इसमें ग्राम प्रधान, पंचायत सदस्य शामिल हैं। ऐसे में पहली बार प्रशासक समिति को ग्राम पंचायत चलाने का जिम्मा दिया जा सकता है। समिति का अध्यक्ष ग्राम प्रधान हो सकता है। चुनाव तक प्रधान को पंचायत चलाने का जिम्मा मिल सकता है या कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है। पंचायती राज मंत्री ओपी राजभर का कहना है कि पंचायती राज एक्ट के अनुसार ही कार्यवाही बढ़ेगी।

