अब परिषदीय स्कूलों में खेल के साथ खिलेगी प्रतिभा, गठित होंगे 'स्पोर्ट्स क्लब'
महराजगंज। जनपद के परिषदीय विद्यालयों में खेलकूद की गतिविधियों को नया आयाम देने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने अनूठी पहल शुरू की है। अब जिले के 1500 से अधिक स्कूलों में 'स्पोर्ट्स क्लब' का गठन किया जाएगा। इस नवाचार का मुख्य उद्देश्य बच्चों में खेल के प्रति रुचि जगाना और प्राथमिक स्तर से ही उनकी प्रतिभा को निखारना है।
स्पोर्ट्स ग्रांट: प्राइमरी से कंपोजिट स्कूलों तक बजट आवंटित
विभाग ने खेल सामग्री की खरीद के लिए पूर्व में लागू स्पोर्ट्स ग्रांट की व्यवस्था को और प्रभावी बना दिया है। इसके तहत स्कूलों की श्रेणी के आधार पर धनराशि का निर्धारण किया गया है:
प्राथमिक विद्यालय: 5,000 रुपये
उच्च प्राथमिक विद्यालय: 10,000 रुपये
कंपोजिट विद्यालय: 15,000 रुपये
इस बजट से स्कूल प्रशासन वही खेल किट खरीदेगा, जिसमें क्लब के बच्चों की सबसे अधिक रुचि होगी। इससे संसाधनों का सही और छात्र-केंद्रित उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।
पारंपरिक और आधुनिक खेलों का संगम
सदर के व्यायाम शिक्षक अखिलेश पाठक के अनुसार, स्पोर्ट्स क्लब के गठन से स्कूलों की जवाबदेही बढ़ेगी। खेल सामग्री की उपलब्धता से छात्र नियमित अभ्यास कर सकेंगे। योजना के तहत इन खेलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:
मैदानी खेल: खो-खो, कबड्डी, फुटबॉल, वॉलीबॉल और हैंडबॉल।
एथलेटिक्स: दौड़ और अन्य ट्रैक इवेंट्स।
इनडोर गेम्स: बैडमिंटन, शतरंज और कैरम।
नवाचार से विकसित होगी खेल संस्कृति
इस पहल के माध्यम से विभाग 'थीम आधारित' गतिविधियों पर जोर दे रहा है। नियमित खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन से न केवल बच्चों का शारीरिक विकास होगा, बल्कि वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाओं के लिए भी तैयार हो सकेंगे।
BSA का वक्तव्य: "जनपद के सभी परिषदीय स्कूलों में स्पोर्ट्स क्लब बनाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसका उद्देश्य स्पोर्ट्स ग्रांट का सदुपयोग करना और बुनियादी स्तर पर खेल संस्कृति को सुदृढ़ करना है।" — रिद्धि पांडेय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA)

