अप्रैल माह का आधा समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में वृद्धि को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इस देरी ने कर्मचारियों के बीच चिंता और असंतोष को बढ़ा दिया है, क्योंकि हर वर्ष तय समय पर DA में संशोधन की उम्मीद की जाती है।
सूत्रों और विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, लगातार हो रही देरी से कर्मचारियों का धैर्य अब टूटता नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि कर्मचारी संगठन अब विरोध प्रदर्शन की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
प्रदर्शन की तैयारी
जानकारी के अनुसार, केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और कामगारों के परिसंघ (CCGEW) ने इस मुद्दे पर कैबिनेट सचिव को अवगत कराया है। संगठन के सदस्य 16 अप्रैल 2026 को अपने-अपने कार्यस्थलों पर लंच ब्रेक के दौरान विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं।
इससे पहले भी कई कर्मचारी संगठनों द्वारा वित्त मंत्री को पत्र लिखकर जल्द से जल्द महंगाई भत्ते में वृद्धि की घोषणा करने की मांग की जा चुकी है।
मुख्य मांग क्या है?
कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांग है कि 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाले बकाया महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (DR) की तुरंत घोषणा की जाए।
नाराजगी के पीछे कारण
सातवें वेतन आयोग की अवधि दिसंबर 2025 तक पूरी हो चुकी है, जबकि आठवें वेतन आयोग को अभी तक लागू नहीं किया गया है। ऐसे में वर्तमान में DA बढ़ोतरी सातवें वेतन आयोग के अंतर्गत ही की जानी है।
आमतौर पर महंगाई भत्ते में साल में दो बार—जनवरी और जुलाई—में संशोधन किया जाता है। लेकिन इस बार अप्रैल के मध्य तक भी कोई निर्णय न आने के कारण कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

