UP जनगणना 2027: प्रशिक्षण व्यवस्था और भत्तों का विस्तृत खाका जारी, देखें कितना किसको मिलेगा ट्रेनिंग में रुपया
जनगणना 2027: प्रशिक्षण व्यवस्था और भत्तों का विस्तृत खाका जारी
लखनऊ। भारत की जनगणना 2027 को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए प्रशिक्षण व्यवस्था का विस्तृत खाका जारी कर दिया गया है। डिजिटल मोड में डेटा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु बहु-स्तरीय प्रशिक्षण प्रणाली तैयार की गई है, जिसमें राष्ट्रीय प्रशिक्षक (NT), मास्टर ट्रेनर (MT), फील्ड ट्रेनर (FT) तथा प्रगणक एवं पर्यवेक्षक (E&S) शामिल होंगे।
📌 प्रशिक्षण व्यवस्था कैसे होगी?
जनगणना 2027 के लिए राष्ट्रीय प्रशिक्षक (NTs) जनगणना कार्य निदेशालय (DCO), उत्तर प्रदेश से होंगे, जो मास्टर ट्रेनर्स (MTs) को प्रशिक्षण देंगे।
प्रत्येक जिले के लिए मास्टर ट्रेनर (MT), डीसीओ और राज्य सरकार दोनों से होंगे, जबकि प्रत्येक चार्ज के लिए फील्ड ट्रेनर (FT) राज्य सरकार द्वारा नामित किए जाएंगे।
मास्टर ट्रेनर (MT) और फील्ड ट्रेनर (FT) आगे प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।
टिप्पणियाँ:
₹600 में से ₹400 प्रशिक्षण भत्ता तथा ₹200 जलपान व्यवस्था हेतु दिया जाएगा।
अन्य श्रेणियों में जलपान की व्यवस्था पहले से शामिल है।
जो प्रगणक/पर्यवेक्षक फील्ड कार्य आवंटन के बाद कार्य नहीं करेंगे, उन्हें प्रशिक्षण भत्ता नहीं मिलेगा।
🎯 MT और FT के लिए मानदेय
मास्टर ट्रेनर (MT): ₹1800 प्रति दिन
फील्ड ट्रेनर (FT): ₹1000 प्रति दिन
प्रशिक्षण आयोजन हेतु HLO और PE के लिए ₹7500 प्रति बैच की राशि स्वीकृत की गई है, जिसका उपयोग प्रशिक्षण स्थल, प्रोजेक्टर, ऑडियो सिस्टम आदि व्यवस्थाओं पर किया जाएगा।
📊 प्रशिक्षकों की संख्या और योग्यता
प्रत्येक जिले को कम से कम:
8–10 मास्टर ट्रेनर (MT)
10–15 फील्ड ट्रेनर (FT)
की पहचान कर सूची तैयार करनी होगी।
चयनित प्रशिक्षकों को:
प्रशिक्षण देने में दक्ष होना चाहिए
कंप्यूटर और मोबाइल उपकरणों के उपयोग में कुशल होना चाहिए
चुनाव जैसे प्रशिक्षण आयोजित करने का अनुभव होना चाहिए
31 मार्च 2027 से पहले सेवानिवृत्त होने वाले नहीं होने चाहिए
📞 भूमिकाएँ और जिम्मेदारियाँ
मास्टर ट्रेनर (MT) और फील्ड ट्रेनर (FT) डिजिटल जनगणना संचालन में तकनीकी मार्गदर्शन देंगे तथा जिला स्तर पर हेल्पलाइन संचालन में सहयोग करेंगे।
फील्ड ट्रेनर (FT) प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे और चार्ज स्तर पर हेल्पलाइन का प्रबंधन करेंगे।
जनगणना 2027 के लिए यह प्रशिक्षण ढांचा न केवल तकनीकी रूप से मजबूत है, बल्कि इसमें पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट मानदेय और जिम्मेदारियाँ भी निर्धारित की गई हैं।

