समस्त रिव्यू पिटीशन खारिज हुई, केवल टेट पास करने की अनिवार्य समय सीमा 02 साल से बढ़ाकर 03 साल हुई, मतलब 01 सितंबर 2028 तक सभी को टेट उत्तीर्ण करना अनिवार्य।
*शेष आदेश अपलोड होने के उपरांत..*
सुप्रीम कोर्ट ने रिव्यू पिटीशन पर सुनवाई करते हुए कार्यरत प्राथमिक शिक्षकों के लिए TET पास करने की डेडलाइन 31 अगस्त 2028 कर दी है। जिन शिक्षकों की नौकरी के 5 साल से कम बचे हैं, उन्हें कोर्ट ने खास छूट दी है।
नई दिल्ली: देश भर के सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे लाखों कार्यरत प्राथमिक शिक्षकों (Primary Teachers) के लिए देश की सर्वोच्च अदालत से एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने कार्यरत प्राथमिक शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी (TET) पास करने की समयसीमा को एक साल के लिए और बढ़ा दिया है। कोर्ट के नए आदेश के मुताबिक, अब इन शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक हर हाल में टेट परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले से जुड़ी एक पुनर्विचार याचिका (Review Petition) पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति (जस्टिस) दीपांकर दत्ता ने डेडलाइन को एक साल आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। इससे पहले कोर्ट ने इसके लिए 31 अगस्त 2027 तक का समय तय किया था। कोर्ट के इस फैसले से देश के उन लाखों शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है जो अब तक यह परीक्षा पास नहीं कर पाए हैं।
देश में 30 लाख से अधिक शिक्षक नहीं हैं TET पास
एक आंकड़े के मुताबिक, वर्तमान में देश भर के विभिन्न राज्यों में कार्यरत लगभग 30 लाख से भी अधिक प्राथमिक शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने अब तक टेट (TET) परीक्षा पास नहीं की है। हालांकि, शिक्षा के अधिकार कानून (RTE) के तहत प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाने के लिए टेट पास होना अनिवार्य है इससे पहले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा था कि तय समय के भीतर जो शिक्षक परीक्षा पास नहीं करेंगे, उन्हें अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। लेकिन शुक्रवार को कोर्ट ने मानवीय आधार पर शिक्षकों को तैयारी के लिए एक साल का अतिरिक्त समय दे दिया है।
जिनकी नौकरी के 5 साल से कम बचे हैं, उन्हें बड़ी छूट
सुप्रीम कोर्ट ने अपने नए आदेश में सेवाकाल के आधार पर कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश और शर्तें भी तय की हैं:
5 साल से कम की नौकरी वालों को छूट: जिन कार्यरत शिक्षकों की सेवानिवृत्ति (Retirement) में 5 वर्ष या उससे कम का समय बचा है, उनके लिए टेट पास करना अनिवार्य नहीं होगा। यानी वे बिना परीक्षा पास किए भी अपनी नौकरी पूरी कर सकते हैं।
प्रमोशन के लिए परीक्षा जरूरी: हालांकि, कोर्ट ने साफ किया है कि यदि 5 साल से कम सेवाकाल वाले ये शिक्षक भविष्य में पदोन्नति (Promotion) या उच्च पद की उम्मीद रखते हैं, तो उन्हें भी टेट पास करना होगा।
5 साल से अधिक की नौकरी वालों के लिए अनिवार्य: जिन शिक्षकों की नौकरी के अभी 5 साल से ज्यादा बचे हैं, उनके लिए 31 अगस्त 2028 तक टेट पास करना पूरी तरह अनिवार्य है।
परीक्षा न देने या फेल होने पर जाएगी नौकरी: शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि कोई शिक्षक 2028 की समयसीमा तक परीक्षा पास नहीं करता है या परीक्षा में बैठने से इनकार करता है, तो उसे नौकरी छोड़नी होगी। हालांकि, ऐसे शिक्षकों को सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले सभी सरकारी लाभ और सुविधाएं (Retirement Benefits) नियमानुसार दी जाएंगी।



