यूपी के छात्रों को मिलेगा एआई, रोबोटिक्स और 3डी प्रिंटिंग का प्रशिक्षण, 600 स्कूलों में बनेंगी ड्रोन लैब
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्कूली शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को एआई (Artificial Intelligence), रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटिंग और ड्रोन तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग और समग्र शिक्षा के तहत नेल्को लिमिटेड (टाटा एंटरप्राइजेज) के साथ समझौता किया गया है।
600 सरकारी स्कूलों में स्थापित होंगी ड्रोन लैब
समझौते के तहत प्रदेश के 600 राजकीय माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अत्याधुनिक डिज़ाइन, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (ड्रोन लैब) स्थापित की जाएंगी।
परियोजना के पहले चरण में 18 हब और 54 स्पोक विद्यालय, दूसरे चरण में 36 हब और 108 स्पोक विद्यालय तथा तीसरे चरण में 96 हब और 288 स्पोक विद्यालयों में ड्रोन लैब स्थापित की जाएंगी।
एआई और आधुनिक तकनीकों का मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
इन ड्रोन लैब को आधुनिक नवाचार और कौशल विकास केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), 3डी प्रिंटिंग, उन्नत विनिर्माण, बैटरी चालित विद्युत वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा विज्ञान, नवीकरणीय ऊर्जा, ड्रोन तकनीक और डिजाइन थिंकिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा विभाग और टाटा नेल्को के बीच हुआ समझौता
इस परियोजना का एमओयू बेसिक व माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी की उपस्थिति में किया गया। इस दौरान महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका एस. गर्ग और नेल्को प्रतिनिधियों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
राज्य परियोजना निदेशक कंचन वर्मा ने बताया कि इस योजना के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों के 600 विद्यालयों (150 हब और 450 स्पोक) को शामिल किया गया है।
छात्रों को भविष्य की तकनीकों के लिए किया जाएगा तैयार
शिक्षा विभाग का मानना है कि यह पहल छात्रों को भविष्य की तकनीकों और रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करेगी। इससे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को भी निजी संस्थानों की तरह आधुनिक तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास का अवसर मिल सकेगा।

