400 शिक्षकों को ऑनलाइन सर्विस बुक से चयन वेतनमान
संवाददाता ऑनलाइन सेवा पुस्तिका के बाद भी चयनवेतनमान के लाभ को लंबे समय से परेशान घूम रहे शिक्षकों को राहत मिल गई है। अब गैर जनपद से आए शिक्षकों की सेवाओं का सत्यापन ऑनलाइन सेवा पंजिका से करके चयनवेतनमान का लाभ दिया जाएगा। हांलाकि अपर मुख्य सचिव और महानिदेशक ने कई साल पहले ऑनलाइन सेवा पुस्तिका के जरिए ही शिक्षकों के कामों व लाभों को उन तक पहुचाने का फरमान दिया था। इसके बाद भी अफसर ऑफलाइन सेवा पुस्तिका का दबाव बनाकर शिक्षकों के कामो में सिरदर्द बने हुए है। जिससे जायज काम के लिए भी शिक्षकों को परेशान होना पड़ रहा है। ऑनलाइन सेवा पंजिका की समस्या
जनपद में शासन के फरमान के बाद भी ऑनलाइन सेवा पंजिका पर शिक्षकों के काम न करके अफसर ऑफलाइन की डिमांड रखते है। इस प्रक्रिया के बीच शिक्षक बीआरसी से लेखा और लेखा से बीआरसी के चक्कर काटते रहते है। जबकि वहीं सेवा पुस्तिका मानव सम्पदा पोर्टल पर दर्ज है और शिक्षकों की सभी जानकारी के लिए पर्याप्त भी है। इसके बाद भी मनमाफिक नियमो पर उन्हें दौड़ने का काम किया जाता है। ऑफलाइन सेवा पुस्तिका की डिमांड उन शिक्षकों के लिए फिर भी ठीक है जो जिनकी जिले के ब्लाकों मे यह उपलब्ध है। लेकिन वह शिक्षक लंबे समय से परेशान है जो दूसरे जनपद से आए है और उनकी ऑफलाइन सेवा पंजिका उपलब्ध नही है। इस ऐप पर पढ़ें में करीब चार सौ एसे शिक्षक आ रहे है जिनकी सेवा पुस्तिका आनलाइन तो है लेकिन ऑफलाइन नही है। यह शिक्षक कई साल पहले या कई माह पहले गैर जनपद से जिले में सेवाएं देने के लिए आए थे। जिनकी सेवा पुस्तिकाएं आफलाइन अब तक नही आ पाई है। जिले में चयनवेतनमान लाभ के लिए इन शिक्षकों से ऑफलाइन सेवा पुस्तिका की मांग की जा रही है जिसे न दे पाने के चक्कर मे इन्हें लंबे समय से इस तरह के लाभो से दूर रखा जा रहा है। लगातार आ रही समस्याओं पर जूनियर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष केएस मिश्रा के अलावा संजय कनौजिया, दिलीप अवस्थी, अक्षय कटियार, विनीत बाजपेई आदि ने स्नातक एमएलसी अरूण पाठक से इसकी चर्चा की। जिसके बाद करीब एक सप्ताह पूर्व उन्होंने शासन के आदेश का हलावा देकर बीएसए, लेखाधिकारी से ऑनलाइन सेवा पंजिका के जरिए चयनवेतनमान का लाभ देने पर सहमति बनवाई थी। जो अब अमल में किया जा रहा है।

