क्या बिना प्लानिंग के लिया गया लोन बन सकता है मुसीबत? जानें पर्सनल लोन लेने का सही तरीका।
आज के समय में अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर कई लोग पर्सनल लोन का सहारा लेते हैं। शादी, इलाज, बच्चों की पढ़ाई, घर की मरम्मत या अन्य जरूरी खर्चों के लिए पर्सनल लोन एक आसान विकल्प माना जाता है। लेकिन बिना सही वित्तीय योजना के लिया गया लोन भविष्य में आर्थिक बोझ बन सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पर्सनल लोन लेने से पहले अपनी आय, खर्च, बचत और EMI चुकाने की क्षमता का सही आकलन करना बेहद जरूरी है। यदि बिना योजना के लोन लिया जाए तो EMI चूकने, क्रेडिट स्कोर खराब होने और वित्तीय तनाव जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
लोन लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
1. अपनी भुगतान क्षमता जांचें
सबसे पहले यह देखें कि आपकी मासिक आय के अनुसार आप कितनी EMI आसानी से चुका सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कुल EMI आपकी मासिक आय के 15-20 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए।
2. ब्याज दरों की तुलना करें
अलग-अलग बैंक और वित्तीय संस्थान अलग ब्याज दरों पर लोन देते हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले कई विकल्पों की तुलना जरूर करें ताकि कम ब्याज दर पर लोन मिल सके।
3. क्रेडिट स्कोर पर ध्यान दें
अच्छा क्रेडिट स्कोर होने पर कम ब्याज दर और बेहतर शर्तों पर लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है। यदि स्कोर कमजोर है तो पहले उसे सुधारने की कोशिश करें।
4. छिपे हुए शुल्क समझें
कई बार प्रोसेसिंग फीस, प्रीपेमेंट चार्ज और अन्य शुल्क कुल लागत बढ़ा देते हैं। इसलिए लोन एग्रीमेंट ध्यान से पढ़ें और सभी शुल्कों की जानकारी लें।
5. लोन अवधि सोच-समझकर चुनें
कम अवधि में EMI अधिक होती है लेकिन कुल ब्याज कम देना पड़ता है। वहीं लंबी अवधि में EMI कम होती है लेकिन कुल ब्याज ज्यादा चुकाना पड़ सकता है।
बिना प्लानिंग के लोन लेने के नुकसान
यदि सही तैयारी के बिना पर्सनल लोन लिया जाए तो समय पर EMI न भर पाने की स्थिति बन सकती है। इससे क्रेडिट स्कोर गिर सकता है और भविष्य में होम लोन या कार लोन मिलने में दिक्कत हो सकती है। लगातार देरी होने पर बैंक रिकवरी प्रक्रिया भी शुरू कर सकते हैं।
विशेषज्ञों की सलाह
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी प्रकार का लोन लेने से पहले प्रोफेशनल सलाह लेना फायदेमंद हो सकता है। सही योजना और जिम्मेदारी के साथ लिया गया पर्सनल लोन आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है, जबकि जल्दबाजी में लिया गया फैसला लंबे समय तक परेशानी बढ़ा सकता है।

