सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य : कोर्ट
31 अगस्त 2028 तक परीक्षा पास करनी होगी | 65 से अधिक पुनर्विचार याचिकाएं कोर्ट से खारिज
नई दिल्ली, एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दोहराया कि सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। साथ ही सेवा में बने रहने के लिए परीक्षा उत्तीर्ण करने की समय सीमा 31 अगस्त, 2028 तक बढ़ा दी है।
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट मामले में अदालत के पहले के फैसले को चुनौती देने वाली कई राज्य सरकारों, शिक्षक संघों और व्यक्तिगत शिक्षकों द्वारा दायर 65 से अधिक पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया। याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय के 2025 के उस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की थी जिसमें कहा गया था कि निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2009 के लागू होने से पहले नियुक्त सेवारत शिक्षकों, जिनकी सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष से अधिक का समय शेष है, को एक सितंबर, 2025 से दो वर्षों के भीतर टीईटी उत्तीर्ण करनी होगी।

