लखनऊ। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश ने जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों और कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव व असम्मानजनक व्यवहार को लेकर गहरी नाराजगी जताई है। संगठन ने सक्षम अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति सुधारने की मांग की है।
प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी का कहना है कि जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव, डांटना-फटकारना और उनके सम्मान को ठेस पहुंचाना उचित नहीं है। प्रशासन को सहयोगात्मक वातावरण बनाना चाहिए, न कि भय और दबाव का। प्रदेश महासचिव दिलीप चौहान के अनुसार कई स्थानों पर उनके साथ असम्मानजनक व्यवहार की शिकायतें मिल रही हैं।
22 मई से 20 जून तक की समयावधि निर्धारित
पहले चरण के लिए 22 मई से 20 जून तक की समयावधि निर्धारित है, ऐसे में अनावश्यक जल्दबाजी और दबाव ठीक नहीं है। विनीत सिंह ने कहा कि कई जनपदों और तहसीलों में राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों व अधिकारियों द्वारा शिक्षकों को डांटने-फटकारने और उनके सम्मान को प्रभावित करने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जो निंदनीय है।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष शालिनी मिश्रा ने आरोप लगाया कि सक्षम शिक्षक होने के बावजूद उनकी ड्यूटी काट दी गई, जबकि कुछ कर्मचारियों को बिना प्रशिक्षण दूरदराज क्षेत्रों में भेजा गया है। प्रदेश सचिव राकेश तिवारी और संयुक्त मंत्री अरुण कुमार ने मांग की कि ड्यूटी आवंटन की विसंगतियों की निष्पक्ष समीक्षा की जाए। वहीं प्रदेश मंत्री तारकेश्वर शाही और संगठन मंत्री राजकुमार चौधरी ने कहा कि उनके सम्मान, स्वास्थ्य और अधिकारों की अनदेखी स्वीकार्य नहीं होगी।
