अभ्यास : करोड़ों मोबाइल पर गूंजी इमरजेंसी वाली घंटी, ये फायदे होंगे
देशभर में शनिवार को करोड़ों मोबाइल फोन पर अचानक आए आपातकालीन अलर्ट ने लोगों को चौंका दिया। मोबाइल पर एक साथ तेज आवाज गूंजी तो लोग असमंजस में पड़ गए कि आखिर हुआ क्या । जैसे ही फोन चेक किए, तो स्क्रीन पर बेहद गंभीर अलर्ट शब्दों से शुरू होने वाला एक संदेश फ्लैश हुआ।
सरकार ने आपदा सूचना प्रणाली का परीक्षण किया। केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा ‘सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम’ लॉन्च किए जाने के बाद देशभर में लोगों के मोबाइल फोन पर संदेश भेजे गए। जिन लोगों के फोन साइलेंट या डू नॉट डिस्टर्ब मोड पर थे, उनमें भी यह सायरन बजा। स्क्रीन पर हिंदी और अंग्रेजी में संदेश आया कि यह एक परीक्षण है और जनता को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार ने अलर्ट के परीक्षण से एक दिन पहले ही सिस्टम के परीक्षण की जानकारी दी थी। मोबाइल फोन पर आए संदेश में लिखा था, भारत ने अपने नागरिकों के लिए त्वरित आपदा अलर्ट सेवा हेतु स्वदेशी तकनीक का उपयोग करते हुए सेल ब्रॉडकास्ट लॉन्च किया है। सतर्क नागरिक, सुरक्षित राष्ट्र। इस संदेश को प्राप्त करने पर जनता को किसी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है। यह परीक्षण संदेश है।
इन देशों में व्यवस्था
1. जापान: जे-अलर्ट सिस्टम भूकंप और सुनामी की चेतावनी के लिए दुनिया का सबसे अच्छा सिस्टम है।
2. अमेरिका: वायरलेस इमरजेंसी अलर्ट (डब्ल्यूईए) तकनीक है।
3. कनाडा और यूके: बाढ़, तूफान या बच्चों के लापता होने की स्थिति में सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक का ही उपयोग होता है।
ये फायदे होंगे
● सुनामी, बाढ़, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय लोगों को तुरंत सूचित किया जा सकेगा।
● यह पूरी तरह देश में विकसित सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक पर आधारित है।
● इस अलर्ट की सबसे बड़ी खूबी है कि इसके लिए मोबाइल डाटा या इंटरनेट की जरूरत नहीं होती।
● यह अलर्ट सीधे मोबाइल टावर के जरिए भेजा जाता है।
● फोन साइलेंट, डू नॉट डिस्टर्ब होने पर भी बजेगा, बंद नहीं कर सकते
युद्ध या आपातकाल : किसी भी राष्ट्रीय संकट के समय सरकार सीधे नागरिकों को सुरक्षित रहने के निर्देश दे पाएगी।
भूकंप : भूकंप के शुरुआतती झटकों के तुरंत बाद लोगों को अलर्ट भेजा जा सकेगा।

