उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों के लिए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने एक बड़ा ऐलान किया है। मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में शिक्षामित्रों को एक साथ तीन बड़ी सौगातें दी गईं—मानदेय में वृद्धि, कैशलेस चिकित्सा सुविधा और जीवन बीमा कवर। गोरखपुर में हुए कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतीकात्मक चेक वितरित कर बढ़े हुए मानदेय की शुरुआत भी की।
मानदेय में बढ़ोतरी से आर्थिक मजबूती
शिक्षामित्रों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए सरकार ने उनके मानदेय में वृद्धि की है। अब उन्हें हर महीने ₹18,000 सीधे उनके बैंक खातों में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षामित्रों ने कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षा व्यवस्था को संभाला है, इसलिए यह बढ़ोतरी उनके सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम है।
5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा
सरकार ने शिक्षामित्रों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा को भी मजबूत किया है। अब उन्हें आयुष्मान भारत की तर्ज पर ₹5 लाख तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज मिलेगा। इस योजना का लाभ शिक्षामित्रों के साथ-साथ उनके आश्रित परिवार के सदस्य भी उठा सकेंगे, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक बोझ कम होगा।
बीमा कवर के साथ सामाजिक सुरक्षा
तीसरी बड़ी घोषणा सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी है। अब शिक्षामित्रों को जीवन बीमा और दुर्घटना बीमा का लाभ भी मिलेगा। किसी भी अप्रिय घटना या आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में उनके परिवार को ₹5 लाख से ₹10 लाख तक की आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ेंगी सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बेसिक शिक्षा परिषद बैंकों के साथ समन्वय स्थापित करे, ताकि मानदेय सीधे खातों में जाए और उसी आधार पर बैंक शिक्षामित्रों को बीमा व अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध करा सकें। उन्होंने कहा कि जब खातों में नियमित धनराशि रहेगी, तो बैंक भी सुरक्षा कवर देने में सहयोग करेंगे।
सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि इन तीनों फैसलों से शिक्षामित्रों को एक साथ आर्थिक, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा—₹18,000 मानदेय, ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज और ₹5-10 लाख तक का बीमा कवर।
