NPS खाताधारकों को बड़ी राहत, अब 30 दिन में होगा शिकायतों का समाधान
नई दिल्ली। नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जुड़ी शिकायतों के समाधान में अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने शिकायत निवारण व्यवस्था को तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए नए नियमों का मसौदा जारी किया है। प्रस्तावित नियमों के अनुसार अब शिकायतों का निस्तारण 7 से 30 दिनों के भीतर करना होगा।
हर स्तर पर घटेगी शिकायत निस्तारण की समयसीमा
PFRDA द्वारा जारी मसौदे में विभिन्न स्तरों पर शिकायत समाधान की समयसीमा कम करने का प्रस्ताव रखा गया है—
नोडल ऑफिस/मध्यस्थ स्तर
शिकायत समाधान की अवधि 30 दिन से घटाकर 14 दिन करने का प्रस्ताव।
PFRDA शिकायत प्रकोष्ठ
शिकायत निपटारे की समयसीमा 21 दिन से घटाकर 7 दिन की जाएगी।
लोकपाल स्तर
शिकायत समाधान की अवधि 90 दिन से घटाकर 30 दिन प्रस्तावित।
PFRDA नामित सदस्य द्वारा समीक्षा
फैसले की समीक्षा अवधि 60 दिन से घटाकर 15 दिन की जा सकती है।
शिकायत बंद करने और अपील की अवधि
शिकायत बंद करने पर जवाब देने की समयसीमा 45 दिन से घटाकर 30 दिन प्रस्तावित।
खत्म होगी NPS ट्रस्ट की भूमिका
नए मसौदे में शिकायतों की अपील व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। अभी दूसरे स्तर की शिकायतें NPS ट्रस्ट के पास जाती हैं, लेकिन नए नियम लागू होने के बाद यह जिम्मेदारी सीधे PFRDA की शिकायत प्रकोष्ठ इकाई संभालेगी।
नियामक का मानना है कि इससे शिकायतों की निगरानी सीधे तौर पर हो सकेगी और लापरवाही बरतने वाली कंपनियों पर सख्ती से कार्रवाई की जा सकेगी।
डिजिटल निगरानी और जवाबदेही बढ़ेगी
प्रस्तावित नियमों के तहत सभी संस्थाओं को शिकायतों की ट्रैकिंग और समाधान के लिए बेहतर डिजिटल प्रणाली विकसित करनी होगी। ग्राहक ऑनलाइन अपनी शिकायत की स्थिति देख सकेंगे और संस्थाओं को समय-समय पर रिपोर्ट भी देनी होगी।
इसके अलावा प्रत्येक संस्था को शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त करना अनिवार्य होगा, ताकि समस्याओं का समाधान तय समय में किया जा सके।
आम लोगों से मांगे गए सुझाव
PFRDA ने इन प्रस्तावित संशोधनों पर आम जनता और संबंधित पक्षों से 20 जून तक सुझाव मांगे हैं। नियामक का उद्देश्य NPS खाताधारकों को तेज और पारदर्शी सेवा उपलब्ध कराना है, जिससे पेंशन व्यवस्था पर लोगों का भरोसा और मजबूत हो सके।

