गर्मी की छुट्टी से 2 दिन पहले ट्रेनिंग का फरमान, 3 हजार शिक्षकों ने टिकट रद्द कराया, आक्रोश.
बिहार के सरकारी स्कूलों में 1 जून से गर्मी की छुट्टियां होने वाली हैं। इससे दो दिन पहले यानी 29 मई को ही शिक्षा विभाग ने ट्रेनिंग का फरमान जारी कर दिया। राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा जारी निर्देश के तहत, स्कूल बंद होने के बाद भी राज्य के करीब 9 हजार शिक्षकों को 5 दिवसीय आवासीय ट्रेनिंग में भाग लेना होगा। 1 से 5 जून तक चलने वाली इस ट्रेनिंग के कारण करीब 3 हजार शिक्षकों को मजबूरन अपने घर जाने की योजना रद्द करनी पड़ी है। उन्होंने अपने ट्रेन रिजर्वेशन का टिकट कैंसिल करा दिया है। सबसे अधिक परेशानी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान के रहने वाले शिक्षकों को हो रही है, क्योंकि ऐन वक्त पर ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट है और हवाई जहाज का किराया उनके बजट से बाहर हो चुका है। खासकर, उन शिक्षक दंपतियों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है जो अलग-अलग जिलों में तैनात हैं और जिनके बच्चे किसी एक के पास रह रहे थे। इससे शिक्षकों में आक्रोश है। बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने कहा कि अफसरों की लापरवाही की सजा शिक्षक भुगत रहे हैं।
एसआईआर में शामिल शिक्षकों की ट्रेनिंग होगी
यह ट्रेनिंग उन शिक्षकों को दी जा रही है, जो एसआईआर के काम में शामिल थे या किसी कारणवश आकस्मिक अवकाश पर थे। मतदाता पुनरीक्षण कार्य, विधानसभा चुनाव और राज्य में दो बार सरकार गठन की व्यस्तताओं के कारण इन शिक्षकों की ट्रेनिंग नहीं हो सकी थी। अब एससीईआरटी के निदेशक सज्जन आर ने इन छूटे हुए शिक्षकों को हर हाल में ट्रेनिंग पूरा कराने का निर्देश दिया है। इस ट्रेनिंग के सफल संचालन और औचक निरीक्षण की जिम्मेदारी सभी जिलों के डीईओ और डीपीओ को सौंपी गई है.
डायट और बायट में सिखाए जाएंगे पढाने के तरीके
यह ट्रेनिंग राज्य के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), प्रखंड शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (बायट), शिक्षण शिक्षा महाविद्यालय (सीटीई) और प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय (पीटीईसी) में होगी। इस दौरान संबंधित संस्थानों के प्राचार्य ट्रेनिंग की जानकारी देंगे। ट्रेनिंग में शिक्षकों को यह सिखाया जाएगा कि छात्रों को किस तरह पढ़ाएं, स्कूलों का माहौल कैसे बेहतर बनाएं, बच्चों को रटाने के बजाय सिखाने और समझाने के ट्रिक्स क्या हैं और बेहतर शिक्षण योजना कैसे तैयार की जाए।
गर्मी की छुट्टी का एकेडमिक कैलेंडर एक साल पहले ही जारी हो जाता है। अधिकारियों की लापरवाही के कारण ट्रेनिंग में देरी हुई। अब उसकी सजा शिक्षकों को मिल रही है। दूसरे राज्यों के शिक्षक सालभर बाद घर जाने की तैयारी में थे। ऐसे में छुट्टी से दो दिन पहले निर्देश जारी करना गलत है। इस मामले को लेकर हम जल्द ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से वार्ता करेंगे।
- आनंद मिश्रा,
सचिव, बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ

