आज के आदेश का मुख्य बिंदु यह है कि जो कैंसर और डायलिसिस के केस में केवल स्वयं के या अविवाहित (पुत्र या पुत्री) के बीमार होने पर ही वेटेज का लाभ मिलेगा,
साथ ही इस स्थानांतरण आदेश में एक और मुख्य बात है जिस पर शायद कम लोगों ने ध्यान दिया होगा कि जो आवेदन है वह सबसे पहले इंचार्ज या प्रधान अध्यापक द्वारा प्रमाणित होगा जिसमें कि यह क्लियर जिम्मेदारी उस प्रधानअध्यापक या इंचार्ज की भी होगी कि यह शिक्षक/शिक्षिका या इसके पुत्र/पुत्री जो है इस बीमारी से ग्रसित है या विकलांग है तो इसमें उस व्यक्ति की भी नौकरी फंस सकती है 🤔
इसलिए अपने किसी भी साथी का आवेदन प्रमाणित करने से पहले उसके कागजातों की जानकारी कर लीजिएगा,
क्योंकि आपके बाद फिर खंड शिक्षा अधिकारी उसको प्रमाणित करेंगे,
फिर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रमाणित करके तब उसको ऊपर सचिव कार्यालय को भेजेंगे,
अगर कहीं आगे चलकर कोई झोलमाल हुआ तो आपका भी उसमें फसना हो सकता है.


