7वें वेतन आयोग के बाद 8वें वेतन आयोग को लेकर विभिन्न कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगें
महंगाई और बढ़ती जीवन-यापन लागत को देखते हुए विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग के लिए अलग-अलग सुझाव दिए हैं।
ITRSA की मांगें:
* लगभग 4.5 फिटमेंट फैक्टर।
* लगभग 400% वेतन वृद्धि।
* विभिन्न वेतन स्तरों के लिए अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर:
* Level 1–5 : 2.92
* Level 6–8 : 3.50
* Level 9–12 : 3.80
* Level 13–16 : 4.09
* Level 17–18 : 4.38
NC-JCM की प्रमुख मांगें:
* फिटमेंट फैक्टर 3.83
* न्यूनतम मूल वेतन (Basic Pay) ₹69,000
* पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली
AIUTC की मांगें:
* फिटमेंट फैक्टर 3.0
* OPS में सुधार
* पदोन्नति (Promotion) सुधार
* बेहतर पेंशन लाभ
Maharashtra Pension Body की मांगें:
* फिटमेंट फैक्टर 3.8
* न्यूनतम मूल वेतन ₹65,000
* HRA एवं TA में वृद्धि
फिटमेंट फैक्टर कैसे लागू होता है?
जो भी फिटमेंट फैक्टर तय होगा, उसे कर्मचारी की उस समय की Basic Pay से गुणा (Multiply) किया जाएगा।
उदाहरण:
यदि किसी कर्मचारी की Basic Pay ₹30,000 है और फिटमेंट फैक्टर 3.0 तय होता है, तो नई Basic Pay:
₹30,000 × 3.0 = ₹90,000
इसके बाद पुराना Dearness Allowance (DA) शून्य (0%) माना जाएगा और भविष्य में DA नई बेसिक पे पर पुनः बढ़ना शुरू होगा।
पिछले वेतन आयोगों में फिटमेंट फैक्टर
* 6वां वेतन आयोग (2006) : 1.86
* 7वां वेतन आयोग (2016) : 2.57
यदि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होती हैं, तो 2026 में प्राप्त मूल वेतन (Basic Pay) पर निर्धारित फिटमेंट फैक्टर लागू करके नई Basic Pay तय की जाएगी, और DA को शून्य करके आगे की गणना शुरू हो |
केंद्र सरकार जो भी निर्णय लेगी , विभिन्न राज्य उसी हिसाब से आपके वेतन में वृद्धि करेंगे

