चार सत्रों के शिक्षकों को प्रशिक्षण की पूर्णता की तिथि से प्रशिक्षित वेतनमान की फिर उठी मांग
पटना। डीईएलएड प्रशिक्षण सत्र 2013-15, 2014-16, 2015-17 एवं 2016-18 के सभी प्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षणचर्या पूर्णता की तिथि से प्रशिक्षित वेतनमान का वित्तीय लाभ प्रदान करते हुए देय अंतर वेतन का भुगतान करने की मांग राज्य सरकार से बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ ने की है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री एवं शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से आग्रह किया है कि पटना उच्च न्यायालय ने बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ एवं अन्य बनाम बिहार सरकार एवं अन्य में 23 अप्रैल, 2024 को पारित अपने न्यायादेश में उक्त प्रशिक्षण सत्रों के प्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षणचर्या पूर्णता की तिथि से प्रशिक्षित वेतनमान का लाभ प्रदान करने संबंधी स्पष्ट एवं समरूप आदेश दिया है।
श्री पप्पू ने कहा कि न्यायालय के आदेश के आलोक में डीईएलएड प्रशिक्षण सत्र 2013-15, 2014-16, 2015-17 एवं 2016-18 के वे सभी प्रशिक्षित शिक्षक, जो बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के सदस्य हैं, वे न्यायिक निर्णय के लाभ के पात्र हैं। ऐसे में राज्य के सभी जिलों में कार्यरत ऐसे शिक्षकों को समान रूप से प्रशिक्षित वेतनमान का लाभ देते हुए बकाया अंतर वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इस न्यायादेश का लाभ केवल कुछ जिलों के शिक्षकों को ही प्राप्त हो रहा है, जबकि समान परिस्थितियों में कार्यरत अन्य जिलों के शिक्षक अभी भी इससे वंचित हैं। यह स्थिति समानता एवं न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।
