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Thursday, June 25, 2026

पुरानी नियमावली से शिक्षक भर्ती की मांग तेज, अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

 पुरानी नियमावली से शिक्षक भर्ती की मांग तेज, अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन



प्रयागराज।

उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। बुधवार को टीजीटी-पीजीटी एवं एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजा। अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को पुरानी नियमावली के अनुसार पूरा किया जाए तथा लंबे समय से लंबित भर्तियों को शीघ्र शुरू किया जाए।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, अभ्यर्थियों ने पहले भी अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया था। इसके बाद अब आंदोलन के अगले चरण में मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने के लिए ज्ञापन अभियान शुरू किया गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि नई नियमावली और चयन प्रक्रिया में हुए बदलावों के कारण हजारों युवाओं के सामने अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न हो गई है।


भर्ती प्रक्रिया में देरी से बढ़ी नाराजगी

अभ्यर्थियों का आरोप है कि शिक्षक भर्ती के विभिन्न पदों पर रिक्तियां होने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो पा रही है। इससे प्रतियोगी छात्रों को आर्थिक, मानसिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।


ज्ञापन में मांग की गई है कि पूर्व में लागू भर्ती नियमों के अनुसार रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए तथा चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए।


शिक्षा सेवा चयन आयोग से उम्मीदें

अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि प्रदेश में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन के बाद शिक्षकों की भर्ती को लेकर नई उम्मीदें जगी थीं, लेकिन अभी तक अपेक्षित स्तर पर भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है। ऐसे में सरकार को युवाओं के हित में जल्द निर्णय लेना चाहिए।


आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

धरना स्थल पर मौजूद अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने सरकार से रिक्त पदों का विवरण जारी कर जल्द भर्ती विज्ञापन प्रकाशित करने की मांग की।


अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें

पुरानी नियमावली के अनुसार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया लागू की जाए।

लंबित शिक्षक भर्तियों का विज्ञापन जल्द जारी किया जाए।

चयन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया जाए।

रिक्त पदों की वास्तविक संख्या सार्वजनिक की जाए।

अभ्यर्थियों की समस्याओं पर सरकार शीघ्र निर्णय ले।

शिक्षक भर्ती को लेकर प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों की निगाहें अब सरकार और शिक्षा विभाग के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

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