26 जून 2026
एक जनपद में चार गुरुजी इन दिनों पढ़ाई से ज्यादा अपनी दूसरी भूमिका को लेकर चर्चा में हैं। कहा जा रहा है कि वे अपने विद्यालय से ज्यादा दूसरे स्कूलों पर नजर रखते हैं। कौन शिक्षक समय से पहुंचा और कौन देर से, इसकी सूचना सीधे अधिकारियों तक पहुंचाई जाती है। इसके बाद संबंधित शिक्षकों पर कार्रवाई की तलवार लटक जाती है। दिलचस्प यह है कि कार्रवाई के बाद समाधान का रास्ता दिखाने वालों में भी यही गुरुजन आगे बताए जाते हैं। गलियारों में तो यहां तक चर्चा है कि इस 'सेवा' के अलग-अलग रेट भी तय हैं। अब यह चर्चा राजधानी तक पहुंचने की बात कही जा रही है।

