पद बदला तो शिक्षकों के हाथ से निकल गई सीट
पद बदला तो शिक्षकों के हाथ से उनकी सीट ही निकल गई। नियोजित से विशिष्ट बने शिक्षकों का यह मामला है। सक्षमता तीन और चार के शिक्षकों का जब ऑनबोर्डिंग नही हुआ तो इसकी जानकारी हुई। स्थानांतरण के कारण उनकी सीट फुल हो चुकी है। एसे में अब ये शिक्षक स्कूल में तो हैं, लेकिन विभाग के रिकॉर्ड में नही हैं।
समस्या का विवरण
मुजफ्फरपुर समेत विभिन्न जिलों मे यह मामला आया है। अब अधिकारी भी हलकान कि जब इनकी रिक्ति नही है तो ऑनबोर्डिंग कैसे होगा। इन शिक्षकों का ऑनबोर्डिंग नहीं हुआ तो वेतन भी नही मिलेगा। विभिन्न जिलों मे इस तरह का मामला सामने आने के बाद विभाग को पत्र भी लिखा गया है।
एचआरएमएस पर रिक्ति की स्थिति
एचआरएमएस पर शिक्षकों की अलग-अलग कैटेगरी के अनुसार रिक्ति बनाई गई है। इसमें विद्यालय अध्यापक और विशिष्ट शिक्षकों की अलग-अलग रिक्ति बनी है। अधिकारियों ने कहा कि एचआरएमएस पर सक्षमता परीक्षा एक के आवेदन का आकलन कर इसी आधार ऐप पर पढ़ें शिक्षकों की रिक्ति क्रिएट की गई। इसके बाद सक्षमता -2 के लिए भी यही प्रक्रिया अपनाई गई। कुल नियोजित शिक्षकों की संख्या के आधार पर एचआरएमएस पर विशिष्ट शिक्षकों की कुल रिक्ति नही ं बनाई गई है। इसी वजह से यह दिक्कत आ रही है। सक्षमता तीन और चार के लिए कुल रिक्ति ।
सक्षमता तीन और चार के लिए कुल रिक्ति एचआरएमएस पर नही बनाई गई है और अब यह लॉक हो चुका है। डीपीओ इन्द्र कुमार कर्ण ने कहा कि इस संबंध में विभाग को लिखा गया है। एक से पांच और छह से आठ कक्षा मे इस तरह के शिक्षकों की संख्या अधिक है। इनके लिए रिक्ति ही नही है।
