वेतन रोके जाने से शिक्षकों में आक्रोश, नौ से करेंगे जनगणना का बहिष्कार
प्राइमरी स्कूल के कुछ शिक्षकों के जनगणना का काम नहीं किये जाने पर सभी शिक्षकों का वेतन रोके जाने से सभी में नाराजगी है। पांच हजार शिक्षकों का मई महीने के वेतन का भुगतान नही हुआ है। इससे शिक्षकों की मुश्किलें बढ गईं। शनिवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुधांशु मोहन व मंत्री वीरेन्द्र सिंह ने डीएम और बीएस को भेजे पत्र मे आठ जून तक मई माह का वेतन जारी करने का आग्रह किया है। वेतन न मिलने पर नौ जून से शिक्षक जनगणना का काम समेत पुलिस भर्ती परीक्षाओ का बहिष्कार करने के लिये बाध्य होंगे।
संघ के पदाधिकारियो का कहना है कि वेतन न मिलने
शिक्षकों के आगे घर व कार आदि की किस्तें और बच्चों की फीस तक जमा करने मे मुश्किल आ रही है। लखनऊ के 1500 से अधिक प्राइमरी व अपर प्राइमरी स्कूलों में करीब पांच हजार शिक्षक हैं। इनमे तीन हजार से अधिक शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना के काम में लगाई गई है। नगर व ब्लॉकों के स्कूलों के कुछ शिक्षकों ने अभी तक जनगणना ड्यूटी ज्वाइन नही की है। जिला प्रशासन के निर्देश पर ट्रेजरी ने सभी शिक्षकों का वेतन रोक दिया है। जबकि बीआरसी से सभी शिक्षकों को वेतन बिल बनाकर मई में भेजा जा चुका है। वेतन रोके जाने से शिक्षकों मे नाराजगी है। इनका कहना है जो शिक्षक जनगणना काम नहीं कर रहे हैं। उनका वेतन रोका जाए। अन्य का वेतन जारी किया जाए।

