परिषदीय स्कूलों में होंगे अग्नि सुरक्षा के उपाय, मिलेगा बचाव का प्रशिक्षण
लखनऊ : लखनऊ अग्निकांड के बाद परिषदीय विद्यालयों में आग से बचाव और रोकथाम के उपाय करने की कोशिश शुरू हो गई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को मध्याह्न भोजन योजना के सुरक्षित संचालन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत विद्यालयों की रसोई में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे और रसोइयों को उनके उपयोग का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
निर्देशों में कहा गया है कि विद्यालयों में भोजन बनाने के दौरान अग्नि दुर्घटनाओं की किसी भी आशंका को रोकने के लिए विशेष इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। प्रत्येक रसोईघर में कार्यशील अग्निशमन यंत्र होना अनिवार्य होगा। गैस सिलेंडर, रेगुलेटर और बर्नर स्टोव की नियमित जांच की जाए। खराब उपकरणों को तत्काल बदला जाए। खाद्य सामग्री की मानक के अनुरूप उपलब्धता रहे और उसकी समाप्ति तिथि की भी जांच की जाए।
भोजन पकाने और परोसने का स्थान पूरी तरह साफ-सुथरा रखा जाए। खाद्यान्न और अन्य सामग्रियों के सुरक्षित भंडारण और रसोईघर के भीतर व बाहर सफाई के लिए भी निर्देश दिए गए हैं।
अपर राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा रजनी सिंह ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी विद्यालयों में अग्नि सुरक्षा के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
पॉलिटेक्निक काउंसिलिंग में शामिल हुए 10 हजार अभ्यर्थी
झांसी, लखनऊ : पॉलिटेक्निक प्रवेश पूर्व काउंसिलिंग के पहले दिन गुरुवार को देर शाम तक 10 हजार अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन काउंसिलिंग के लिए अपना पंजीकरण कराया। हालांकि शुरुआत में वेबसाइट खुलने में थोड़ी दिक्कत आई, लेकिन कुछ देर बाद काउंसिलिंग शुरू हो गई।
संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद ने ऑनलाइन काउंसिलिंग में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए राजधानी समेत प्रदेश के सभी राजकीय व सहायता प्राप्त पॉलिटेक्निक संस्थानों में सहायता केंद्र बनाए हैं। पहले चरण की काउंसिलिंग 30 जून तक चलेगी। दो से तीन जुलाई को संस्थान का आवंटन होगा। 15 अगस्त तक कुल पांच चरणों में काउंसिलिंग पूरी होगी।
लखनऊ पॉलिटेक्निक के प्रधानाचार्य अनिल भारती ने बताया कि हेल्पडेस्क पर अभ्यर्थियों की भीड़ रही। उनकी काउंसिलिंग से जुड़ी परेशानियों को दूर किया गया। वेबसाइट न खुलने और विकल्प लॉक समेत कई जानकारियां दी गईं।
परिषद के सचिव एसके सिंह ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए डिप्लोमा इंजीनियरिंग और अन्य पाठ्यक्रमों (फार्मेसी को छोड़कर) की ऑनलाइन काउंसिलिंग होगी। इसके माध्यम से प्रदेश की कुल 365 पॉलिटेक्निक संस्थाओं में प्रवेश दिया जाएगा।
फार्मेसी पाठ्यक्रमों के लिए काउंसिलिंग 24 जुलाई से शुरू होकर 15 सितंबर तक चलेगी। 3,34,322 अभ्यर्थी प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए थे। इसके माध्यम से इंजीनियरिंग डिप्लोमा और फार्मेसी सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों की करीब 2.71 लाख सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा।

