IIIT ने बदली PhD Admission Process, अब पूरे साल कर सकेंगे आवेदन
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) ने PhD Admission Process में बड़ा बदलाव किया है। Research को बढ़ावा देने और अधिक से अधिक छात्रों को अवसर देने के उद्देश्य से संस्थान ने Rolling Admission System लागू कर दिया है।
नई व्यवस्था के तहत अब PhD में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी पूरे वर्ष आवेदन कर सकेंगे। इससे छात्रों को Admission Window छूट जाने पर अगले Academic Session का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
NEP के तहत लागू हुई नई व्यवस्था
संस्थान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप यह बदलाव किया है। IIIT का मानना है कि नई व्यवस्था से Research Programs में अधिक प्रतिभाशाली छात्रों की भागीदारी बढ़ेगी।
नई Admission Policy मौजूदा शैक्षणिक सत्र से लागू कर दी गई है।
साल में तीन बार होगा Admission Cycle
वर्ष 2026 के लिए संस्थान ने तीन Cut-off Dates निर्धारित की हैं:
31 मार्च
30 जून
30 नवंबर
प्रत्येक Cut-off के बाद प्राप्त आवेदनों पर अलग-अलग Selection Process चलाया जाएगा।
पहले चरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि दूसरे चरण के लिए Interview 14 और 15 जुलाई को प्रस्तावित हैं।
Admission Process दो चरणों में होगी
PhD Admission Process को दो चरणों में विभाजित किया गया है।
पहला चरण: Screening Test
पहले चरण में Computer-Based Screening Test आयोजित होगी। इसमें सामान्य योग्यता और संबंधित विषय से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे।
यह परीक्षा केवल Screening के उद्देश्य से होगी।
दूसरा चरण: Interview
Screening Test में सफल अभ्यर्थियों को Interview के लिए बुलाया जाएगा। Screening Test और Interview दोनों IIIT Campus में आयोजित किए जाएंगे।
GATE और NET Candidates को बड़ी राहत
संस्थान ने GATE, NET और अन्य राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षाएं उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को Screening Test से छूट देने का निर्णय लिया है।
ऐसे उम्मीदवार सीधे Interview Process में शामिल हो सकेंगे।
इसके अलावा Working Professionals को भी पहले चरण से छूट दी गई है और उन्हें सीधे Interview के लिए बुलाया जाएगा।
जुलाई से शुरू होंगी नई Classes
Dean Innovation and Research डॉ. प्रमोद कुमार के अनुसार नई Rolling Admission System के तहत मार्च और जून Cycle की प्रक्रिया पूरी होते ही जुलाई से Classes शुरू कर दी जाएंगी।
वहीं नवंबर Cycle के तहत चयनित छात्रों की Classes अगले वर्ष जनवरी से प्रारंभ होंगी।
नई व्यवस्था से PhD में प्रवेश प्रक्रिया अधिक लचीली, पारदर्शी और छात्र हितैषी बनने की उम्मीद है।

